
वाराणसी जिले में देव दीपावली के मौके पर गाय के गोबर से बने दीपों का निर्माण किया जा रहा है। इससे दो बड़े फयदे देखने को मिलेंगे। इससे ना सिर्फ महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है बल्कि ये पर्यावरण फ्रेंडली भी है।
देव दीपावली के मौके पर वाराणसी के घाटों पर लाखों दीप जलाने की तैयारी हो रही है। खास बात यह है कि इन दीपों का निर्माण गाय के गोबर से किया जा रहा है और यह कार्य स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं। 7 स्वयं सहायता समूहों की 25 परिवारों की महिलाएं इस कार्य में जुटी हुई हैं और उनका लक्ष्य 30,000 गोबर से बने दीप तैयार करना है।
पहले जहां देव दीपावली पर महिलाएं मुश्किल से 400-500 रुपये कमाती थीं, अब उन्हें इस कार्य के लिए लगभग 4,000 से 5,000 रुपये की आय हो रही है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अब घर-घर जाकर दीपों की बिक्री नहीं करतीं बल्कि उन्हें पहले से ही बड़े पैमाने पर ऑर्डर मिलने लगे हैं। इसके साथ ही इस पहल से उन्हें पर्यावरण फ्रेंडली रोजगार का भी अवसर दिया गया है।
Updated on:
10 Nov 2024 08:19 pm
Published on:
10 Nov 2024 08:19 pm
