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गोरखपुर में बच्चों की मौत पर मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह का बयान, ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई मौत

सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि गोरखपुर के जिलाधिकारी से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक एईएस, पोषण और किसी अन्य कारणों से बच्चों की मौत हुई है ।

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सिद्धार्थनाथ सिंह

वाराणसी. गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 30 मासूमों की मौत पर योगी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि मौत की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, मगर बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई है। सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि गोरखपुर के जिलाधिकारी से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक एईएस, पोषण और किसी अन्य कारणों से बच्चों की मौत हुई है, जिसकी जांच की जाएगी। मंत्री ने कहा कि मीडिया में जो आंकड़े चल रहे हैं, वह पिछले तीन- चार दिनों के आंकड़े हैं।

बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पिछले 24 घंटों में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है और मामले में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। अस्पताल प्रशासन लापरवाही से हुई मौतों पर फिलहाल पर्दा डालने में लगा हुआ है। बताया जा रहा कि घंटों तक मरीजों को अंबू बैग के सहारे किसी तरह आक्सीजन की सप्लाई की गई लेकिन वह नाकाफी साबित हुई। जानकारी के अनुसार बकाया पैसों का भुगतान न होने की वजह से ऑक्सीजन उपलब्ध कराने वाली कंपनी ने सप्लाई रोक दी थी।।

मिली जानकारी के अनुसार दो दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अस्पताल का दौरा भी किया था और अस्पताल की कमियों के संबंध में अस्पताल अधिकारियों को कई अहम निर्देश भी दिये थे। सीएम के दौरे के दो दिन बाद हुई इस घटना में मेडिकल कॉलेज की लापरवाही साफ नजर आ रही है। सीएम के निर्देश के बाद भी अस्पताल के अधिकारी सजग नहीं हुए, जिसके कारण इन मासूमों की जान चली गई।

जिन बच्चों की मौत हुई थी, उनमें से कई बच्चे इंसेफेलाइटिस से पीड़ित थे। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बीते दो सालों से परिसर में लगे लिक्विड आक्सीजन प्लांट से इंसेफेलाइटिस वार्ड व नियोनेटल वार्ड में ऑक्सीजन की सप्लाई की जाती है। इस प्लांट से मेडिकल कॉलेज के करीब 300 मरीजों को प्रतिदिन ऑक्सीजन की जरूरतों को पूरा किया जाता है।

बताया जा रहा है कि आक्सीजन सप्लाई का ठेका जिस फर्म को है उसका करीब 69 लाख रूपये बकाया है। भुगतान में देरी के चलते गुरूवार की शाम को फर्म ने आक्सीजन की सप्लाई ठप कर दी गई, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ ।

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