
आगरा। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) विधेयक 2017 के विरोध में इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से जुड़े चिकित्सक हड़ताल पर हैं। हड़ताल में सभी क्लीनिक, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब्स और डायग्नोस्टिक सेंटर भी शामिल हैं। इस समय केवल इमजेंसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आगरा में चिकित्सकों ने नर्सिंग होम, अस्पताल के बाहर एनएमसी का विरोध जताते हुए पोस्टर लगाकर सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक का विरोध जताते हुए सांकेतिक हड़ताल रखी। डॉ. सुनील शर्मा (कार्यकारिणी सदस्य, आईएमए) ने पत्रिका को बताया कि बिल के विरोध में आगरा के सभी आईएमए चिकित्सक मंगलवार को पूरे दिन सांकेतिक हड़ताल पर हैं। इस बिल में बहुत ही विसंगतियां हैं। इस बिल में आयुष डॉक्टरों को भी आधुनिक चिकित्सा का अभ्यास करने की अनुमति दी है जो हमेशा से गलत है। सरकार चाहती है कि किसी को भी मेडिकल कॉलेज खोलने की अनुमति मिल जाए। मेडिकल स्टूडेंटस सालों अपनी खर्च करता है और इस बिल के बाद दूसरे देशों के चिकित्सक भारत में आकर अपने क्लीनिक खोल लेेंगे। ऐसे में देश से एमबीबीएस की डिग्री किए मेडिकल स्टूडेंट का भविष्य दांव पर लग जाएगा। इसलिए इस बिल का विरोध किया जा रहा है।
पूर्व आईएमए अध्यक्ष बोले, नहीं बुलाई गई कमेटी
पूर्व आईएमए अध्यक्ष डॉ.जेएन टंडन ने कहा कि बिल कैबिनेट से पास हो चुका है। नीति आयोग का फैसला था, कमेटी की रिपोर्ट को आधार बनाया गया था। सरकार ने जब ये फैसला लिया था कभी भी एमसीआई के पक्ष को बुलाकर नहीं सुना गया। बिल पास हो जाएगा, तब सुप्रीम कोर्ट का सहारा लिया जा सकता है।