उत्तर गुजरात में हुई भारी बारिश के चलते धरोई बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार सुबह तक बांध 88.52 फीसदी भर गया, ऐसे में सतर्कता के चलते 107248 क्यूसेक पानी साबरमती नदी में छोड़ा गया। संत सरोवर में समा रहे इस पानी में से सरोवर से नदी में 30836 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसे देखते हुए अहमदाबाद शहर व जिले के कई गांवों में अलर्ट घोषित किया है। नदी में बड़ी मात्रा में वनस्पति भी बहकर आ रही है, जो पानी के अवरोध का कारण बन रही हैं।अहमदाबाद में जगह-जगह वनस्पति को निकालने का काम भी जारी है। यह पानी के अवरोध का कारण भी बन रही है। रविवार को पानी के बहाव में अनेक सांप भी देखे गए। इनमें से अनेक को रेस्क्यू टीम ने बचाया।
बंद रहा रिवरफ्रंट का वॉक -वे
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार साबरमती नदी पर बने धरोई बांध में सोमवार दोपहर तक जलस्तर 188.68 मीटर पर पहुंच गया। इसके साथ ही बांध में क्षमता का 88.52 फीसदी जल संग्रह हो गया। सोमवार एक बजे से छोड़े गए भारी पानी के कारण निचले इलाकों को सचेत किया गया है। अहमदाबाद में रिवरफ्रंट के वॉक-वे को दूसरे दिन भी बंद रखा गया। बाढ़ की संभावना को ध्यान में रखकर भी कदम उठाए जा रहे हैं। सोमवार दोपहर को छोड़े गए पानी के 12 घंटे के बाद अहमदाबाद के सुभाषब्रिज क्षेत्र तक वह पहुंचता है।
बुलेट ट्रेन सहित प्रोजेक्ट की एजेंसियों को सूचना
साबरमती रिवरफ्रंट डवलपमेंट लिमिटेड के अनुसार सोमवार सुबह धरोई बांध से 64500 क्यूसेक पानी साबरमती में छोड़ा गया। इसके बाद दोपहर को भी बांध से और पानी छोड़ना पड़ा। ऐसे में रिवरफ्रंट व साबरमती नदी में चल रहे कई डवलपमेंट कार्य व बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट, बोट, फ्लॉटिंग रेस्टोरेंट का काम करने वाली एजेंसियों को सूचित किया गया है। पुलिस और सिक्युरिटी एजेंसी को भी इस बारे में अवगत करा दिया गया है।
वासणा बैराज के 25 दरवाजे दूसरे दिन भी रहे खुले
अहमदाबाद महानगरपालिका के अनुसार साबरमती नदी पर अहमदाबाद शहर के वासणा बैराज के दूसरे दिन सोमवार को भी 25 दरवाजे खुले रखे गए। गेट नंबर पांच से लेकर 28 तक सभी 25 गेट छह फीट तक खोले गए।