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अहमदाबाद

पालतू श्वानों की अंतिम विदाई के लिए बनाए गए श्मशानों में 14 श्वानों का अंतिम संस्कार

Ahmedabad video: महानगरपालिका (मनपा) के पशु उपद्रव नियंत्रण विभाग (सीएनसीडी) की ओर से शुरू किए गए पालतू श्वानों के देश के पहले सीएनजी आधारित श्मशानगृह को श्वान मालिकों की ओर से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। फरवही माह में 15 दिनों में भाईपुरा, मोटेरा, मणिनगर, शाहपुर, वस्त्रापुर, शाहीबाग, प्रह्लादनगर, ओढव, घोडासर, इस्कॉन, बोडकदेव, पालडी और […]

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Ahmedabad video: महानगरपालिका (मनपा) के पशु उपद्रव नियंत्रण विभाग (सीएनसीडी) की ओर से शुरू किए गए पालतू श्वानों के देश के पहले सीएनजी आधारित श्मशानगृह को श्वान मालिकों की ओर से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

फरवही माह में 15 दिनों में भाईपुरा, मोटेरा, मणिनगर, शाहपुर, वस्त्रापुर, शाहीबाग, प्रह्लादनगर, ओढव, घोडासर, इस्कॉन, बोडकदेव, पालडी और वासणा क्षेत्रों में कुल 14 पालतू श्वानों की सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार किया गया।सीएनसीडी के विभागाध्यक्ष नरेश राजपूत ने बताया कि इस सेवा के माध्यम से मृत पालतू श्वानों को उनके मालिक के घर से सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई सेवा रथ से लाया जाता है। परिजनों को मोबाइल पर लाइव अंत्येष्टि देखने की सुविधा भी दी गई। इस दौरान श्वान मालिकों और जीवदया प्रेमियों ने मिलकर 25100 रुपए का ऑनलाइन दान देकर मनपा की जीव सेवा में सहयोग भी किया।

अस्थि-फूल की मटकी भी सौंपी

राजपूत ने कहा कि पालतू श्वान परिवार के सदस्य की तरह होते हैं। उनके निधन के दुखद क्षणों में मालिकों को अस्थि-फूल की मटकी सौंपकर विभाग ने सम्मानजनक सेवा प्रदान की। इस पहल की सराहना करते हुए नागरिकों ने मनपा का आभार व्यक्त किया और अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी व्यवस्था की अपेक्षा जताई।

मिलता है भावनात्मक संतोष

मनपा ने इस मांग को ध्यान में रखते हुए बजट में पूर्व और पश्चिम अहमदाबाद में भी पालतू श्वानों की अंतिम विदाई सेवा शुरू करने प्रावधान किया है। विभाग का मानना है कि यह व्यवस्था न केवल भावनात्मक संतोष देती है बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी संक्रमण फैलने से रोकने में सहायक है। इस सेवा ने पालतू श्वान मालिकों को यह भरोसा दिलाया है कि उनके श्वानों को सम्मानजनक विदाई मिलेगी और समाज में जीवदया की परंपरा और मजबूत होगी।