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अहमदाबाद

Ahmedabad video: हाथीजण में पालतू श्वान के हमले में चार माह की बच्ची की मौत, महिला घायल

नहीं करवाया था श्वान का पंजीकरण, थाने पहुंचा मामला

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अहमदाबाद शहर के हाथीजण क्षेत्र में पालतू श्वान के हमले में चार महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि महिला घायल हो गई। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें यह गंभीर घटना कैद हुई है। पालतू श्वान रोटवीलर नस्ल का है।मनपा सूत्रों के तहत हाथीजण के लालगेबी सर्कल क्षेत्र में स्थित राधेय रेसीडेंसी में सोमवार की रात को यह घटना हुई। यहां रहने वाली हिना चौहाण सोमवार रात नौ बजे चार माह की बच्ची को लेकर रेडिसेंसी परिसर से गुजर रही थीं। इस दौरान रेसीडेंसी में ही वाला व्यक्ति उसके रोटवीलर नस्ल के पालतू श्वान को टहला रहा था। इस दौरान श्वान मालिक की पकड़ से छूट गया और उसने हिना पर हमला कर दिया। इस दौरान हिना की गोद से बच्ची जमीन पर गिर गई। श्वान ने बच्ची को दबोच लिया और नोचने लगा। यह देख अन्य लोगों ने श्वान से बच्ची को जैसे-तैसे छुड़ाया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन बच्ची की मौत हो गई। श्वान के हमले में महिला भी जख्मी हुई है, जिसे एल.जी. अस्पताल में भर्ती कराया है। यह बच्ची की चाची बताई जा रही है।

मनपा के पशु उपद्रव नियंत्रण विभाग के अध्यक्ष नरेश राजपूत ने बताया कि इस पालतू श्वान के संबंध में अभी तक उसके मालिक ने मनपा में पंजीकरण नहीं कराया है। इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी। पालतू श्वान को मनपा ने कब्जे में ले लिया है।स्थानीय लोगों ने कहा कई दिनों से था श्वान का त्रासराधेय रेसीडेंसी के लेगों ने स्थानीय विवेकानगर पुलिस को पत्र लिखकर इस घटना की जानकारी दी है। इसमें बताया है कि पिछले काफी दिनों से इस श्वान का त्रास था। मालिक को बताया भी गया लेकिन उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया था।अहमदाबाद शहर में पांच हजार पंजीकृत श्वान

सीएनसीडी के अध्यक्ष नरेश राजपूत के अनुसार एक जनवरी 2025 से शहर में पालतू श्वानों का पंजीकरण अनिवार्य किया है। शहर में लगभग 50 हजार पालतू श्वान हैं। इनमें से 10 फीसदी श्वानों का ही अब तक पंजीकरण हो पाया है। जिन श्वानों का पंजीकरण हुआ है ,उनमें सबसे अधिक पश्चिम जोन में 1299 मालिकों ने 1484 श्वानों का रजिस्ट्रेशन करवाया है। उत्तर पश्चिम जोन में 1123 मालिकों ने 1283 श्वानों का, दक्षिण पश्चिम जोन में 755 ने 901 श्वान, पूर्व जोन में 579 ने 631 दक्षिण जोन में 517 ने 587 और मध्यजोन में 173 ने 181 पालतू श्वानों का पंजीकरण कराया है।