पूरी दुनिया को झकझोर देने वाली अहमदाबाद की विमान दुर्घटना के बाद गुजरात सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मंगलवार को 19 मृतकों के मानव अंगों का धार्मिक विधि व पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया।हिंदू मृतकों के मानव अवशेषों को शास्त्रों के अनुरूप तो मुस्लिम समाज के एक मृतक के शव का मुस्लिम समाज की धार्मिक विधि के तहत अंतिम संस्कार किया।
दुर्घटना में मारे गए लोगों की पहचान डीएनए पद्धति से की गई, और शवों को पहले ही परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान 26 शव ऐसे थे जिनके कुछ अवशेष रह गए थे। डीएनए मैच में जैसे-जैसे पहचान हुई उन्हें अलग से रख लिया गया।सिविल अस्पताल प्रशासन के अनुसार बाद में मिले 26 शवों के अवशेषों के संबंध में उनके परिजनों को अवगत कराया गया था। इनमें से सात के परिजन अवशेषों को ले गए। जबकि 19 मृतकों के परिजन ले जाने में असमर्थ रहे और उन्होंने अंतिम संस्कार के लिए अस्पताल प्रशासन को स्वीकृति दी थी। जिसके बाद मंगलवार को पूरे सम्मान और धार्मिक विधि से सभी का अंतिम संस्कार किया।
हिन्दू विधि से 18 का अंतिम संस्कार
19 मृतकों के अवशेषों में से 18 हिन्दुओं के और एक मुस्लिम व्यक्ति के मानव अंग थे। मुस्लिम समाज के मृतक के मानव अंगों का कुरान की आयतें पढ़कर शाहीबाग कब्रस्तान में दफन विधि की गई। 18 हिंदू मृतकों का अंतिम संस्कार हिन्दू शास्त्रों के अनुसार वाडज स्थित श्मशान गृह में किया गया।
साबरमती नदी में अस्थियों का विसर्जन
अंतिम संस्कार करने के बाद इन सभी की अस्थियों का विसर्जन भी किया गया। साबरमती नदी के नारणघाट से सभी 18 शवों की अस्थियां विसर्जित की गईं। इस दौरान सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी के अलावा फोरेंसिक विभाग के अधिकारी, रेजिडेंट डॉक्टर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ-साथ पुलिस के अधिकारी व जवान मौजूद रहे।