अहमदाबाद शहर के सिविल अस्पताल में और एक ब्रेनडेड मरीज के अंगों से चार लोगों को नया जीवन मिला। ब्रेनडेड मरीज दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। बहनों ने अपने पिता, चाचा व अन्य सदस्यों की सहमति से अंगों का दान किया। इनका कहना है कि ब्रेनडेड भाई के अंगों से जरूरतमंदों को नई जिंदगी मिल जाएगी , यही भाई के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि जिले की दस्क्रोई तहसील के वहेलाल गाम निवासी जय पटेल (25) राजस्थान के रणुजा जाते समय सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। सिर में गहरी चोट लगने के कारण युवक को जोधपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से अहमदाबाद लाकर निकोल स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। शनिवार मध्यरात्रि अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती किया।
उपचार के साथ-साथ जरूरी टेस्ट किए गए, जिसके बाद चिकित्सकों ने जय को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। अस्पताल की अंगदान टीम ने जय की बहन, चाचा और पिता को जय की ब्रेन डेड स्थिति और अंगदान के बारे में अवगत करा दिया। सूचना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया, फिर भी दोनों बहनों हीनल व मीनल ने छलकते आंसुओं के साथ पिता विपुल पटेल व अन्य परिवार के सदस्यों समेत मिलकर अंगदान का निर्णय किया। इससे जय की दो किडनी, लिवर, पेंक्रियाज तथा दो आंखों का दान स्वीकार किया गया। चार अंगों का ट्रांसप्लांट सिविल मेडिसिटी परिसर में ही किडनी अस्पताल में किया गया। दो आंखों का भी दान किया गया है, जिन्हें एम एंड जे इंस्टीट्यूट (सरकारी आंख अस्पताल) के आइ बैंक पहुंचाया गया है।सिविल अस्पताल में 210 ब्रेनडेड मरीजों के 696 अंग अब तक दान में मिल चुके हैं, इनसे 674 लोगों को नया जीवन मिला है।