
गांधीनगर, जंत्री की दर बढ़ाकर दो गुना करने व उसके तत्काल अमर करने के निर्णय से चिंतित गुजरात के बिल्डर प्रतिनिधियों ने सोमवार को कंफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) और गुजरात इंस्टीट्यूट ऑफ हाउसिंग एवं एस्टेट डवलपर्स (गाहेड) के बैनर तले गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री पटेल से एक मई तक जंत्री की बढ़ी हुई दरों को लागू नहीं करने की मांग की। इसके तत्काल लागू होने से सामने आने वाली दिक्कतों से अवगत कराया।
बैठक के बाद क्रेडाई-गाहेड अहमदाबाद के अध्यक्ष तेजस जोशी ने मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव व अन्य अधिकारियों ने हमारी मांगों के प्रति सकारात्मक रवैय्या अपनाया है। उम्मीद है कि कुछ ही समय में राज्य सरकार इस संबंध में सकारात्मक निर्णय ले लेगी।उन्होंने कहा कि हम गुजरात सरकार की ओर से जंत्री की दर को बढ़ाकर दो गुना करने के निर्णय का स्वागत करते हैं, लेकिन जो अचानक बढ़ी हुई जंत्री को तत्काल लागू करने का निर्णय किया गया है। उससे काफी दिक्कतें आ सकती हैं। जिससे हमने सरकार के समक्ष मांग रखी है कि इस बढ़ी हुई जंत्री का अमल एक मई तक टालना चाहिए। ऐसा होने से आम व्यक्ति को भी दिक्कत नहीं होगी साथ ही कंस्ट्रक्शन का काम करने वाले डेवलपर्स को भी नुकसान और समस्या नहीं आएगी। ऐसा होने से आगामी प्रोजेक्ट में भी दिक्कत नहीं होगी।
प्रतिनिधि मंडल में क्रेडाई गुजरात के चेयरमैन अजय पटेल, प्रेसिडेंट हेमंत पटले, राज्य के सभी चैप्टर के प्रतिनिधि, क्रेडाई नेशनल के पूर्व अध्यक्ष जक्षय शाह, क्रेडाई-गाहेड अहमदाबाद के अध्यक्ष तेजस जोशी, सचिव विरल शाह सहित कई पदाधिकारी शामिल थे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के अलावा मुख्य सचिव राजकुमार, शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव मुकेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पंकज जोशी उपस्थित थे।गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 12 वर्षों बाद जंत्री के रेट में बदलाव किया है। जंत्री के नए रेट सोमवार से लागू हो भी गए हैं। जहां पहले जंत्री रेट प्रति वर्गमीटर 100 रुपए था, उसे बढ़ाकर दुगुना अर्थात् 200 रुपए कर दिया है। राज्य सरकार के इस निर्णय से बिल्डरों चिंता और कई बिल्डरों में रोष व्याप्त है। इस मुद्दे पर क्रेडाई और गाहेड के प्रतिनिधियों की रविवार को वर्चुअल बैठक हुई थी, जिसमें इस मुद्दे मुख्यमंत्री से मिलने और इसे एक मई से लागू करने के मामले को लेकर पुनर्विचार करने का सरकार के समक्ष पक्ष रखने का निर्णय किया गया था। अब मुख्यमंत्री पटेल से बैठक के बाद इन प्रतिनिधियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद बंधी है।
चरणबद्ध तरीके से नई जंत्री लागू करने की मांग
जोशी ने बताया कि प्रतिनिधि मंडल की ओर से सरकार के समक्ष मांग की गई है कि जंत्री के नए रेट एक साथ लागू करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से लागू करने की भी मांग की गई है। ऐसा होने की स्थिति में सरकार, आम व्यक्ति, डेवलपर्स सभी को रियायत रहेगी।मकान-दुकान में 20 फीसदी ही हो वृद्धि
क्रेडाइ गुजरात की ओर से मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में 4 प्रमुख मांगे रखी हैं। उसमें कहा है कि मकान, दुकान में पुरानी जंत्री में सिर्फ 20 फीसदी ही वृद्धि की जाए। 2011में एफएसआई 1.8 से 2.25 थी। 2023 में एफएसआई 2.7 एवं 4 तथा 5.4 मिलने योग्य है। ऐसे में मकानों, दुकानों की कीमत में कोई वृद्धि नहीं होगी। जिससे पुरानी जंत्री पर सिर्फ 20 प्रतिशत ही दाम बढ़ाए जाएं। सीजीडीआर के अनुसार पेड एफएसआई में जंत्री के 40प्रतिशत के बदले नई जंत्री में 20 प्रतिशत ही लागू हो। जमीन को नई शर्त से पुरानी शर्त में परिवर्तित करने पर प्रीमियम दर 40 प्रतिशत की जगह जंत्री के 20 प्रतिशत वसूला जाए। सभी जोन में 100 प्रतिशत जंत्री वृद्धि की जगह हर जोन में बीते 3 सालों में हुए बिक्री व्यवहार के रेकॉर्ड को ध्यानार्थ लेते हुए जोन आधारित वृद्धि की जाए।