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VIDEO: डाकोर पूर्णिमा मेला: पदयात्रियों का रेला, जय रणछोड़ माखनचोर की गूंज

पदयात्रा मार्ग पर लगे सेवा केन्द्र, होली पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह

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गांधीनगर. खेड़ा जिले के डाकोर के रणछोड़राय मंदिर में फागुन पूर्णिमा के मेले में जाने वाले श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। अहमदाबाद से डाकोर जाने वाले मार्गों पर पदयात्रियों का रेला नजर आता है। पदयात्री जय रणछोड़ माखनचोर की गूंज के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वहीं इन पदयात्रियों की सेवा में सेवा केन्द्र भी डाकोर जाने वाले मार्ग पर लगे हैं।

भगवान रणछोड़ के दर्शन की उम्मीद के साथ महिला, पुरुष एवं बुजुर्ग सड़कों पर पैदल चलते नजर आ रहे है। खेड़ा जिले में स्थित डाकोर अहमदाबाद से करीब 70 किलोमीटर दूर है, लेकिन फिर भी पदयात्रियों में खासा जोश नजर आ रहा है। निकोल में रहने वाले बुजुर्ग मधुभाई ने कहा कि वे पिछले तीन दशकों से हर फागुन पूर्णिमा मेले में साइकिल से भगवान रणछोड़ के दर्शन करने जाते हैं। हर रोज तीस से पैंतीस किलोमीटर साइकिल चलाते हैं। पदयात्रा मार्ग पर सेवा केन्द्र हैं, तो खाने-पीने की कोई दिक्कत नहीं होती।

हाथों में ध्वजा लेकर ऐसी एक महिला पदयात्री ज्योत्सना रास्ते में मिलीं। समूह में जब भी कोई जय रणछोड़ बोलता तो वे भी काफी उत्साह के साथ जय रणछोड़ माखन चोर का नारा लगातीं। वे बताती हैं कि हम ग्रुप में पिछले दस-बारह वर्षों से डाकोर में भगवान के दर्शन को जाते हैं। दोपहर को चलने में दिक्कत होती है, लेकिन शाम को ठंडक होने से ज्यादा चलते हैं। आठ से दस किलोमीटर चलने के बाद आराम करते हैं। समूह के लोग ज्यादातर छाश और नींबू पानी पीना पसंद करते हैं। पदयात्रा मार्ग पर कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों को ट्राइसिकल में ले जाती नजर आईं तो कइयों ने बच्चों को बड़े कपड़े में पीठ पर लपेटा हुआ था। वहीं कई श्रद्धालु तो धूप से बचने के लिए दुपट्टा लपेटे और छाते की मदद लेते नजर आए।

डाकोर जाने वाले मार्ग पर हाथीजण सर्कल के निकट चारभुजा मित्रमंडल एवं आम मेवाड़ समाज और द्वारकेश मित्र मंडल-राजा मेलडी ग्रुप जैसे कई संगठनों ने सेवा केन्द्र लगाए हैं। चारभुजा मित्रमंडल के संचालक शंकरलाल कुमावत अपने सहयोगियों बालूराम कुमावत, लक्क्ष्मणभाई, मांगीलाल, गोकुल जाट, सीताबेन कुमावत सेवा केन्द्रों पर पदयात्रियों की सेवा में लगे थे। इस सेवा केन्द्र पर पदयात्रियों के लिए सब्जी-पूरी, पुलाव, छाश की व्यवस्था की गई है।शंकरलाल बताते हैं कि यह सेवा केन्द्र चार से पांच दिनों तक चलता है, जिसमें 25 से 30 हजार पदयात्री भोजन करते हैं।

द्वारकेश मित्रमंडल के अमित देसाई, संजय डाभी, मौलिक प्रजापति, प्रतीक वाघेला, अजय त्रिवेदी पदयात्रियों की सेवा में नजर आए। देसाई बताते हैं कि तीन वर्षों से हर वर्ष यह सेवा केन्द्र लगता है, जिसमें पदयात्रियों के लिए चाय-कॉफी, नींबू शरबत की व्यवस्था की जाती है। पदयात्रियों के लिए विश्राम की भी व्यवस्था है।