गांधीनगर. गुजरात विधानसभा के बजट सत्र के अंत तक की कार्रवाई से निलंबित होने के बाद मंगलवार को कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर में राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सफेद कपड़ों में आए कांग्रेस के विधायकों ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस के विधायक दल के नेता अमित चावड़ा के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन में उपनेता शैलेष परमार, अर्जुन मोढवाडिया, इमरान खेड़ावाला, जिग्नेश मेवाणी समेत अन्य विधायक शामिल थे। चावड़ा ने मीडिया को बताया कि कांग्रेस प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताकर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा लेने और ठगी के आरोपी किरण पटेल का मुद्दा सदन में उठाना चाहती थी लेकिन विधानसभा अध्यक्ष पहले एक दिन के लिए कांग्रेस विधायकों को निलंबित किया था, लेकिन सदन में प्रस्ताव लाकर हमारी पार्टी के सभी विधायकों को सत्रांत तक निलंबित कर दिया गया। यह इसलिए किया गया क्योंकि सदन में कांग्रेस किरण पटेल का मुद्दा नहीं उठा सकें। विधानसभा में कांग्रेस के उप नेता शैलेष परमार का आरोप था कि किरण पटेल के मामले में सदन में चर्चा की मांग की गई थी, लेकिन राज्य सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से भाग रही है।
गौरतलब है कि सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेसी विधायकों ने उद्योगपति गौतम अदाणी के मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने और राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर चर्चा करने का मुद्दा उठाया था, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने प्रश्नकाल में ऐसी किसी चर्चा से इनकार कर दिया था। बाद में काले कपड़े पहने इन विधायकों ने सदन में बैनर-पोस्टर लहराए थे। कई विधायक वेल भी घुस गए थे, जिससे इन विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने एक दिन के लिए निलंबित कर दिया था। बाद में सत्ता पक्ष ने इन सदस्यों सत्रांत तक निलंबित करने का प्रस्ताव रखा था, जो ध्वनिमत से पारित हो गया था। इसके बाद कांग्रेस के 16 विधायकों को सत्रांत तक के निलंबित कर दिया गया।