26 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अहमदाबाद
Video News: वापी में कबाड़ व्यापार की आड़ में ड्रग्स के कारोबार का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
Play video

Video News: वापी में कबाड़ व्यापार की आड़ में ड्रग्स के कारोबार का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

गुजरात एटीएस की टीम ने वलसाड़ एसओजी के साथ मिलकर दी दबिश, 2.33 किलो एमडी ड्रग्स, 658 ग्राम शंकास्पद पदार्थ जब्त, बीते करीब छह महीने से बना रहे थे ड्रग्स, एक आरोपी अभी भी फरार

Google source verification

Ahmedabad. गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम ने वलसाड जिले की वापी तहसील के सरीगाम इलाके में स्थित कबाड़ के गोदाम में दबिश देकर एमडी ड्रग्स के कारोबार का पर्दाफाश किया। वलसाड स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के साथ मिलकर दी गई दबिश में मौके से 2.377 किलो मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स जब्त की गई। इसके अलावा 658 ग्राम शंकास्पद पदार्थ भी मिला। इनकी कीमत छह से सात करोड़ है। मौके से दो आरोपियों को पकड़ा गया जो कबाड़ की आड़ में यहां ड्रग्स को बनाकर, उसे बेचने का कारोबार कर रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों में दमण में खारीवाड निवासी व मूलरूप से उत्तरप्रदेश के बलरामपुर जिले के मौलाडी गांव का रहने वाला अब्दुल कलाम खान (36) और वापी निवासी व मूलरूप से सुरेन्द्रनगर जिले की वढवाण तहसील का रहने वाला मेहुल कुमार मकवाणा (45) शामिल है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इनके पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।गुजरात एटीएस के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के.के.पटेल ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि एटीएस टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि सरीगाम क्षेत्र में स्थित एक कबाड़ के गोदाम में कुछ लोग अवैध रूप से मेफेड्रोन ड्रग्स को बनाने और उसे बेचने का काम कर रहे हैं।

इस सूचना के आधार पर टीम बनाकर पहले इस खबर की पुष्टि की गई। इसके बाद 25 मई को एटीएस की टीमों ने वलसाड एसओजी के साथ समन्वय करते हुए गोदाम पर दबिश दी जहां से मेफेड्रोन जब्त की गई। साथ ही 658 ग्राम शंकास्पद पदार्थ जब्त हुआ। यह ऐसा पदार्थ है, जिसे 11 मार्च 2026 को भारत सरकार ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत नियंत्रित पदार्थ की श्रेणी में शामिल किया है। दोनों आरोपियों को मौके से पकड़ा गया जिनसे पूछताछ की जा रही है। इनके पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

एक आरोपी फरार, छह महीने से कर रहे थे तैयार

पटेल ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया कि यहां पर कबाड़ व्यापारी राजेश मौर्य और उसके हिस्सेदार अब्दुल व मेहुल मिलकर बीते छह महीने से एमडी ड्रग्स को तैयार कर रहे थे। राजेश मौर्य अभी फरार है।