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अहमदाबाद शहर के पालडी इलाके में सरकारी जमीन हड़पने की कोशिश में जज बनकर ऑर्डर पास करने वाले आरोपी मोरिस क्रिश्चियन को कारंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को उसे मेट्रोपोलिटन कोर्ट में पेश किया गया। जहां असली जज के सामने आरोपी ने पुलिस पर पिटाई करने का आरोप लगाया, जिससे अदालत ने मेडिकल जांच कराने का आदेश दिया है। इसके बाद इसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस मामले में बुधवार को सुनवाई होगी।
शहर के जोन-2 के उपायुक्त श्रीपाल शेसमा ने बताया कि आरोपी मोरिस क्रिश्चियन के विरुद्ध कई आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। इस पर कोर्ट ऑफ कंटेम्पट का भी मामला है। इसके विरुद्ध वर्ष 2015 में मणिनगर में एक ठगी की एफआईआर हुई है। वर्ष 2012 में चांदखेडा और 2007 में क्राइम ब्रांच में भी एक मामला दर्ज हुआ है। आरोपी ने गांधीनगर सेक्टर 21 व 24 में किराए पर ऑफिस खोली होने का भी जांच में पता चला है।
शेसमा ने बताया कि आरोपी पर दर्ज ज्यादातर मामले सिविल मैटर से जुड़े हैं। इसने जो भी कागजात बनाए हैं, जो भी आदेश जारी किए हैं, उसकी जांच की जा रही है। कितने लोगों के साथ यह मिला हुआ है, उसकी जांच की जा रही है। इसने वर्ष 2002 में एलएलबी की डिग्री ले ली थी। उसके बाद से वकील के रूप में प्रेक्टिस कर रहा है। इसने पहले सूरत से इंजीनियरिंग की थी। 2022 में पीएचडी भी की है। इसकी माता गोवा और पिता राजस्थान से हैं। यह मूलरूप से साबरमती का रहने वाला है। यह लोगों को खुद का परिचय एक आर्बिट्रेटर के रूप में देता था। कहता था कि वह आर्बिट्रेशन करवा देगा। खुद को इंडियन काउंसिल ऑफ आर्बिट्रेटर का सदस्य बताता है। उसकी वेबसाइट पर जांच की तो उसमें वह सदस्य पाया गया है। फिर भी काउंसिल से इसकी पुष्टि कराई जाएगी। यह ज्यादातर अहमदाबाद, कलोल, माणसा, दहेगाम और गांधीनगर कोर्ट में एक्टिव था।