25 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अहमदाबाद

शाहीबाग में गूंजी शहनाई, 11 दिव्यांग युगल बने हमराही

अहमदाबाद. शहर के शाहीबाग क्षेत्र स्थित रानी शक्ति सेवा समिति में रविवार को ऐसा आयोजन हुआ कि उपस्थित लोग भावुक हो उठे। शहनाई की गूंज और मंगल गीतों के बीच 11 दिव्यांग युगल विवाह बंधन में बंध गए। इनमें कई ऐेसे हैं जो बिल्कुल नहीं देख पाते हैं। तो कुछ को आंशिक रूप से दिखाई […]

Google source verification

अहमदाबाद. शहर के शाहीबाग क्षेत्र स्थित रानी शक्ति सेवा समिति में रविवार को ऐसा आयोजन हुआ कि उपस्थित लोग भावुक हो उठे। शहनाई की गूंज और मंगल गीतों के बीच 11 दिव्यांग युगल विवाह बंधन में बंध गए। इनमें कई ऐेसे हैं जो बिल्कुल नहीं देख पाते हैं। तो कुछ को आंशिक रूप से दिखाई देता है। देखा जाए तो यह सामूहिक विवाह सम्मेलन मानवीय संवेदना और सामाजिक सहयोग का एक उदाहरण है।श्री रामश्याम चेरीटेबल मंडल की ओर से आयोजित यह 25वां विवाह सम्मेलन है। मंडल की अध्यक्ष कृष्णा अग्रवाल ने बताया कि इस परंपरा की शुरुआत वर्ष 1993 में हुई थी, जब दो दिव्यांग युगलों का विवाह कराया गया था। तब से लेकर अब तक 365 से अधिक युगल इस सम्मेलन के माध्यम से जीवनसाथी बने हैं। इस आयोजन में संतोष अग्रवाल, मंजू अग्रवाल, संतोश तिबड़ेवाल, ईला शर्मा, निशा धानुका, सरोज अग्रवाल, ममता गुप्ता, अमिता सोनी, सुनीता पालिया समेत अनेक महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंडल की ओर से हर नवदंपत्ति को गृहस्थी का सामान और कुछ आभूषण भेंट स्वरूप दिए हैं। उन्होंने कहा कि शादी के बाद भी जरूरत पड़ने पर मदद उपलब्ध कराई जाती है।

भेंट में दिया जाता है उपयोगी सामान

मंडल की अध्यक्ष कृष्णा ने बताया कि इन शादियों में दानदाताओं का सहयोग हमेशा अहम रहा है। उनके सहयोग से ही नवदंपत्तियों को भेंट स्वरूप सामान दिया जाता है। प्रति दंपत्ति को लगभग एक लाख 75 हजार रुपए मूल्य का सामान प्रदान किया गया है। हर वर्ष इस तरह का आयोजन दानदाताओं के सहयोग से ही संभव हो पाता है। उन्होंने कहा कि शहनाई की गूंज के बीच इस तरह के आयोजन सामाजिक सहयोग के लिए अहम हैं।