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Ahmedabad: शहर के सिविल अस्पताल में ब्रेनडेड हुईं कच्छ की 33 वर्षीय शारदाबेन महेश्वरी के अंगदान से तीन मरीजों को जीवनदान मिला। अस्पताल में शारदाबेन समेत अब तक 221 ब्रेन डेड मरीजों के अंगों का दान हुआ है।कच्छ जिले की शारदाबेन के ब्रेनडेड होने पर दान में मिले उनके तीन अंगों में लिवर का प्रत्यारोपण अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में जरूरतमंद मरीज को किया गया, जबकि दोनों किडनी का प्रत्यारोपण सिविल मेडिसिटी कैंपस के ही इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजिज एंड रिसर्च सेंटर में किया गया है।
इस अंगदान की विशेष बात यह ह कि समाज के अग्रणियों ने ही शारदाबेन के परिजनों को अंगदान के लिए प्रेरित किया। इसके बाद ही उन्होंने अंगदान की सहमति दी।सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि कच्छ जिले की शारदाबेन महेश्वरी को सिर में ब्रेन हेमरेज होने के चलते उन्हें पहले भुज और फिर मंगलवार को अहमदाबाद सिविल अस्पताल लाया गया। यहां शारदाबेन का गहन उपचार किया गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इस बीच विशेष टेस्ट के बाद चिकित्सकों ने शारदाबेन को ब्रेनडेड घोषित कर दिया। बताया गया है कि अस्पताल की चिकित्सा टीम के साथ-साथ समाज के अग्रणियों ने शारदाबेन के परिजनों को अंगदान के लिए समझाया। इसके बाद परिवार ने सहमति दी। डॉ. जोशी ने बताया कि यह पहली बार है जब समाज के अग्रणी भी अंगदान के लिए आगे आए।
दान में मिल चुके हैं 732 अंग
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जोशी ने बताया कि लगभग चार वर्षों में 221 ब्रेन डेड मरीजों से 732 अंग मिले हैं। इसके अलावा 156 नेत्र और 26 त्वचाएं भी दान में मिली हैं। अंगों में 406 किडनी, 195 लीवर, 71 हृदय, तथा 34 फेफड़े भी शामिल हैं।