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वैदिक होली का चलन बढ़ा, अहमदाबाद की 151 सोसाइटियों में होगा दहन

Ahmedabad: शहर में वैदिक होली का चलन बढ़ा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर की 151 सोसाइटियों में सोमवार को वैदिक होली का दहन किया जाएगा। वर्ष 2025 में 42, जबकि 2024 में 11 सोसाइटियों में वैदिक होली जलाई गई थी। मनपा के पशु उपद्रव नियंत्रण विभाग (सीएनसीडी) ने […]

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Ahmedabad: शहर में वैदिक होली का चलन बढ़ा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर की 151 सोसाइटियों में सोमवार को वैदिक होली का दहन किया जाएगा। वर्ष 2025 में 42, जबकि 2024 में 11 सोसाइटियों में वैदिक होली जलाई गई थी। मनपा के पशु उपद्रव नियंत्रण विभाग (सीएनसीडी) ने गाय के गोबर से बनाई स्टिक, उपले व अन्य सामग्री के साथ वैदिक होली किट तैयार की है। जिसकी भारी डिमांड देखी गई। यह पर्यावरण‑अनुकूल है।

सीएनसीडी विभाग ने करुणा मंदिर में विशेष वैदिक होली किट तैयार की है, जिसमें गाय के गोबर से बनी स्टिक, पूजन सामग्री, खाद और अन्य साधन शामिल हैं। मनपा का कहना है कि शहर की 151 सोसाइटियों में वैदिक होली किट पहुंचाई गई है। शहर के लोगों ने इस प्रयास की सराहना की और उत्साहपूर्वक इसे अपनाया।

पर्यावरण को सुरक्षित करना उद्देश्य

सीएनसीडी विभाग के अध्यक्ष नरेश राजपूत ने बताया कि वैदिक होली का अर्थ है ऐसी होली जिसमें प्रदूषण न फैले और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो। गाय के गोबर आधारित सामग्री से होलिका दहन करने पर वातावरण में हानिकारक धुआं नहीं फैलता। इसके बाद बची राख का उपयोग भी जैविक साबुन बनाने में किया जाएगा। इस तरह वेस्ट से बेस्ट की दिशा में भी कदम बढ़ाया जा रहा है।

शहर के कई मंदिरों में जलेगी वैदिक होली

उन्होंने बताया कि इस बार कई धार्मिक संस्थानों- नागरवेल हनुमान मंदिर, कर्णमुक्तेश्वर महादेव, चकुडिया महादेव, रानी सती मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, सुमनाथ मंदिर, भद्रकाली मंदिर सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर भी वैदिक होली को अपनाया है।