Ahmedabad. गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीम ने राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) जयपुर और भिवाड़ी पुलिस के साथ मिलकर राजस्थान के भिवाडी के कहारानी स्थित रीको औद्योगिक क्षेत्र में दबिश देकर नशीले पदार्थ बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। इस मामले में मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जबकि एक आरोपी फरार है। 22 किलोग्राम नशीला पदार्थ, 40 किलो कच्चा माल जब्त किया है। यह कार्रवाई रविवार को राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले की टपूकरा तहसील के भिवाड़ी स्थित रीको इंडस्टि्रयल क्षेत्र में की गई।
गुजरात एटीएस के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के सिद्धार्थ ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि राजस्थान के भिवाड़ी शहर में रीको इंडस्टि्रयल क्षेत्र में एपीएल फार्मा कंपनी में कुछ लोग मिलकर अवैध रूप से नशीले पदार्थ बना रहे हैं। इसमें एप्राजोलम नशीला पदार्थ बनाए जाने की सूचना मिली। इसकी पुष्टि होने पर एक टीम को भिवाड़ी भेजा गया जहां राजस्थान के एसओजी की जयपुर यूनिट और भिवाड़ी शहर पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर एपीएल फार्मा कंपनी पर दबिश दी गई। जांच में 5 किलोग्राम एप्राजोलम का तैयार माल मिला। साथ ही करीब 17 किलोग्राम प्राजेपाम और टेमामजेपम का मिश्रण भी मिला। कुल मिलाकर मौके से 22 किलोग्राम नशीला पदार्थ मिला जिसे इसी फैक्ट्री में तैयार किया गया था।
इन आरोपियों को पकड़ा
मौके से पकड़े गए आरोपियों में अंशुल शास्त्री (40), अखिलेश मौर्य (41) और कृष्णा कुमार यादव (33) शामिल हैं। शास्त्री उत्तर प्रदेश में आगरा के आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-12 स्थित एंथेला अपार्टमेंट का रहने वाला है वहीं मौर्य व यादव राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले की टपूकरा तहसील के त्रेहान रेसिडेंसी निवासी है।
अंशुल-अखिलेश मुख्य आरोपी, जॉब वर्क के रूप में शुरू किया काम
एटीएस एसपी सिद्धार्थ ने बताया कि नशीले पदार्थ बनाने वाली इस फैक्ट्री के मुख्य आरोपी अंशुल शास्त्री और अखिलेश मौर्य हैं। इन दोनों ने जॉब वर्क के नाम पर एपीएल फार्मा में नशीले पदार्थ बनाने का काम शुरू किया था। अंशुल की अंश ट्रेडिंग नाम की कंपनी है जिसके जरिए वह कच्चा माल खरीदकर लाता था। अखिलेश उसका हिस्सेदार है। कृष्णा केमिस्ट है जो अल्प्राजोलम तैयार करता था।
आगरा के सनी को देते थे नशीला पदार्थ
गुजरात एटीएस ने बताया कि अंशुल और अखिलेश भिवाड़ी में करीब तीन महीने से नशीला पदार्थ बना रहे थे। यहां पर तैयार नशीले पदार्थ को यह आगरा के रहने वाले सनी यादव को देते थे।
भिवाड़ी सेक्टर-3 थाने में मामला दर्ज
इस संबंध में आरोपियों के विरुद्ध भिवाड़ी सेक्टर-3 थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 22 के तहत मामला दर्ज किया गया। भिवाड़ी पुलिस ही इस मामले की आगे जांच करेगी।
8 दिसंबर को जोधपुर में भी पकड़ी थी फैक्ट्री
एटीएस एसपी ने बताया कि इससे पहले 8 दिसंबर को गुजरात एटीएस के उपाधीक्षक एस एल चौधरी की टीम ने जोधपुर के सोइन्द्रा गांव में दबिश देकर मेफेड्रॉन बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में 40 किलो तरल मेफेड्रॉन व केमिकल जब्त करते हुए छह आरोपियों को पकड़ा था। एक महीने में गुजरात एटीएस की राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर की गई यह दूसरी सफल कार्रवाई है।