Ahmedabad. क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर 58 लाख रुपए की चपत लगाने के मामले में अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपी अहमदाबाद , सूरत, सुरेन्द्रनगर और दिल्ली के रहने वाले हैं।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि गिरफ्त में आए आरोपियों के बैंक खातों का ठगी की राशि जमा होने और फिर उसे निकालने व अन्य जगह भेजने के मामले में उपयोग हुआ था।पकड़े गए आरोपियों में अहमदाबाद में रिलीफ रोड के अदनान शेख (28) व मकसूद मिर्जा (39), दरियापुर के एजाज शेख (34), अमरेली के ओमकार भारती गोस्वामी (28), सुरेंद्रनगर जिले के वढ़वाण मूल और फिलहाल सूरत में कतारगाम निवासी ताहिर बेलिम (42) तथा दिल्ली में उत्तमनगर के सन्नी मग्गो (38) शामिल हैं। इसमें ज्यादातर व्यापारी हैं।
सूरत का मयूर फरार, फिलहाल दुबई में साइबर क्राइम ब्रांच के तहत इस मामले का मुख्य आरोपी मयूर सावलिया होने की बात सामने आई है। वह फिलहाल दुबई में है जो सूरत का रहने वाला है।
महिला ने बातों में फंसाकर बुजुर्ग से कराया निवेश
मामले के तहत आरोपियों ने अहमदाबाद में रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग को फेसबुक मैसेंजर से मैसेज कर बातचीत करते हुए क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर अच्छे मुनाफे का झांसा दिया था। नवंबर 2025 में महिला बनकर किए गए मैसेज और फिर बातचीत में उसने खुद के आइआइएम अहमदाबाद से पढ़ाई करने की भी बात कही थी। उसके परिवार का कपड़े का व्यापार होने की भी बात कही थी, साथ ही बुजुर्ग से विवाह का भी वादा किया और इटली में स्थायी होने की बात कही थी। इससे बातों में आए बुजुर्ग ने निवेश पर हामी भरी। जिससे आरोपियों ने बुजुर्ग से आठ जनवरी को वॉट्सएप पर लिंक भेजी और एप्लीकेशन अपलोड करा उसमें जानकारी भरवाई। फिर 19 फरवरी तक अलग-अलग समय पर 60 लाख का निवेश कराया। ठगी का पता तब चला जब बुजुर्ग ने 6672 क्रिप्टो निकालने का आवेदन किया। इसके लिए उनसे 41 हजार क्रिप्टो जमा कराने को कहा गया। बार-बार आवेदन करने पर भी पैसे वापस नहीं दिए। काफी प्रयास के बाद केवल दो लाख 10 हजार रुपए ही वापस लौटाए। इस तरह अन्य राशि वापस नहीं कर बुजुर्ग ने धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई।
आरोपियों के पांच बैंक अकाउंट के विरुद्ध 41 शिकायतें आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके पांच बैंक अकाउंट का पता चला। जांच में सामने आया कि इन पांच में से चार बैंक अकाउंट के विरुद्ध देश के 4 राज्यों में साइबर ठगी की 41 शिकायतें दर्ज हैं। जिसमें 1.50 करोड़ के ट्रांजेक्शन हुए हैं।