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किसी भी काम करने से पहले सोचें उसके अच्छे-बुरे परिणामों के बारे में
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किसी भी काम करने से पहले सोचें उसके अच्छे-बुरे परिणामों के बारे में

​जिनदत्त सूरि दादाबाड़ी में गाजे-बाजे के साथ निकाली जैन धर्मावलंबियों ने गुरुदेव की शोभायात्रा। कई जगह हुआ स्वागत।

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​जिनदत्त सूरि दादाबाड़ी में गाजे-बाजे के साथ निकाली जैन धर्मावलंबियों ने गुरुदेव की शोभायात्रा। कई जगह हुआ स्वागत।दादा मेले के मौके पर दादा गुरुदेव श्री जिनदत्तसूरि का वरघोड़ा निकाला गया।

जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छाचार्य जिनदत्तसूरि दादाबाड़ी विभिन्न धर्माें की आस्था की केन्द्र स्थली है। दादा जिनदत्तसूरि ने अपने आत्मबल, तपोबल मंत्र शक्ति से जैन समाज की अद्भुत प्रभावना की। किसी भी कार्य को करने से पहले उसके अच्छे-बुरे परिणामों पर अवश्य सोचना चाहिए, ताकि उस कार्य को सही ढंग से किया जा सके। यह विचार साध्वी मनोहर श्रीजी ने जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छाचार्य जिनदत्तसूरि दादाबाड़ी में धर्मसभा में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारे कर्म अच्छे नहीं होंगे तो सफलता प्राप्त नहीं हो सकती। प्रवक्ता रिखब सुराना ने बताया की दादा मेले के दूसरे दिन सुबह 6 बजे से सामूहिक भक्ताकर स्रोत एवं दादागुरुदेव इकतीसा पाठ और सामूहिक स्नात्र पूजा अर्चना हुई। इसमें मुम्बई, बैंगलूरू, दिल्ली, गोवा समेत प्रदेशभर से आए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।