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अजमेर। हिंदू धर्म में दिवाली का त्योहार काफी बड़ा माना जाता है। दिवाली की शुरुआत धनतेरस के दिन से हो जाती है और समापन भाई दूज के दिन होता है। वहीं, दिवाली से एक दिन पहले छोटी दिवाली मनाई जाती है। इसे ‘रूप चौदस या नरक चतुर्दशी’ भी कहा जाता है। रूप चौदस स्त्रियों के रूपसौन्दर्य के सम्मान का पर्व है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर सजती-संवरती हैं। अजमेर के पुष्कर में विदेशी मेहमानों में भी ‘रूप चौदस’ पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। यहां ब्यूटी पार्लर में नार्वे व डेनमार्क से आई विदेशी मेहमान भारतीय महिलाएं जैसी सोलह श्रृंगार व पोशाक में नजर आईं। खास बात यह थी कि विदेश मेहमानों में भारतीय पहनावे व संस्कृति को लेकर उत्साह देखा गया।