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अजमेर

जन्माष्टमी पर कान्हा हुए प्रसन्न, घटाओं ने कुछ यूं भिगाया इस शहर को

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अजमेर. सुबह से उमड़ती-घुमड़ती घटाओं ने जन्माष्टमी पर शहर को भिगोया। सोमवार दोपहर 2 बजे कई इलाकों में तेज बरसात हुई। सडक़ों, नालियों-नालो में पानी बह गया। बारिश होने और बादल छाए रहने से मौसम में ठंडक रही। बादल सुबह से आसमान पर छाए थे। दोपहर 1.45 बजे काली घटाओं की उमड़-घुमड़ बढ़ गई। करीब 2 बजे शहर में बरसात शुरू हुई वैशाली नगर, माकड़वाली रोड, पंचशील, पुष्कर रोड, आदर्श नगर, फॉयसागर क्षेत्र, सिविल लाइंस,रामगंज, केसरगंज, स्टेशन रोड, नसीराबाद रोड क्षेत्र और अन्य इलाकों में तेज पानी बरसा। कायड़, कांकरदा भूणाबाय, घूघरा, लोहागल रोड और अन्य इलाके भी बारिश में भीगे।

 

अपराह्न 4 बजे बाद फिर शहर में बरसात का दौर शुरू हो गया। तेज बारिश ने शहर के कई इलाकों को तरबतर किया। नालों-नालियों में पानी उफनता रहा। काजी का नाला, जवाहर नाडी और अन्य नालों में भी पानी का बहाव तेज रहा। आनसागर झील में भी पानी पहुंचा। अधिकतम तापमान 29.4 और न्यूनतम 23.8 डिग्री रहा। अजमेर शहर में मौसम विभाग ने शाम 5.30 बजे तक 0.2 मिलीमीटर बरसात दर्ज की।

 

सडक़ों पर भरा पानी

तेज बारिश से सडक़ों पर पानी नजर आया। बजरंरगढ़ चौराहा, सिविल लाइंस, रोडवेज बस स्टैंड, पुलिस लाइन, जयपुर रोड, माकड़वाली रोड, सावित्री चौराहा, मेयो लिंक रोड, राजा साइकिल, अलवर गेट, वैशाली नगर में कई जगह सडक़ों पर पानी भर गया। नाले और नालियों में भी पानी बहता रहा। बरसात बंद होने के बाद भी टपका-टपकी का दौर चला। मौसम विभाग के अनुसार अजमेर में 1 जून से अब तक 295 मिलीमीटर बरसात हो चुकी है।

 

जिले में भी बरसात
जिले के पुष्कर, होकरा, गगवाना, गेगल और आसपास के इलाकों में भी बरसात हुई। कई जगह तेज तो कई जगह मध्यम दर्जे की बारिश ने भिगोया। बारिश होने से लोगों को गर्मी-उमस से कुछ राहत मिली। अलबत्ता मानसून ने पूरे जिले को अब तक एक बार भी ताबड़तोड़ बरसात नहीं भिगोया है।

 

अधिकांश जलाशयों में नहीं पानी

जिले के प्रमुख जलाशयों में पानी नहीं है। कहीं नाम मात्र तो कहीं तालाब-बांध बिल्कुल सूखे पड़े हैं। इनमें राजियावास, बीर, मूंडोती, पारा प्रथम और द्वितीय, बिसूंदनी, मकरेड़ा, रामसर, नारायण सागर खारी, मान सागर जोताया, देह सागर बडली, भीम सागर तिहारी, खानपुरा तालाब शामिल है। इसी तरह चौरसियावास, लाकोलाव टैंक, सुरखेली सागर अरांई, बिजयसागर लाम्बा, विजयसागर फतेहगढ़, बांके सागर सरवाड शामिल हैं।