पुष्कर कस्बे में एक लाख से अधिक लोगों ने होली खेली। वराह घाट चौक में ढोल की थाप पर युवक थिरक उठे, वहीं मेला मैदान में पालिका के सरकारी हाेली पार्टी में डांस करने लोग उमड पड़े। बाजार, दुकानें, रिसोर्ट, होटलों में होली की ट्रान्स पार्टियां आयोजित की गईं। विदेशी पर्यटकों ने भी जमकर होली खेली। चारों ओर होली का धमाल नजर आया। धुलन्डी को सुबह से ही वराह घाट व मेला मैदान में होली की पार्टियां शुरू हो गई तथा बड़ी संख्या में पर्यटक, स्थानीय युवक होली खेलने निकल पडे़।
होली के मौके पर एक लाख पर्यटकों के आने से पुष्कर के बाजार रातभर खुले रहे। धुलन्डी के दिन बंद दुकानों के बाहर खाने पीने की थडियों का बाजार लग गया। होली की पोशाक भी खूब बिकीं।
मेला मैदान व अन्यत्र पार्टियों के दौरान खोए मोबाइल को लोकेशन के आधार पर ट्रेस कर मालिकों को लौटा दिया गया। सहायक उपनिरीक्षक गिरधारीलाल ने बताया कि कीमती मोबाइल को लोकेशन के आधार पर एक टैम्पो वाले के पास से जब्त कर मालिक को लौटाया।
मेला स्टेडियम में लोक संगीत का जलवा
मेला मैदान में पर्यटन विभाग की ओर से होली महोत्सव के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों के कलाकारों ने लोक गीत संगीत की प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। इसकी शुरुआत नागौर के श्रवण कुमार के मशक वादन से हुई। इसके बाद जयपुर के रवि जोशफ ने तेरी याद आने लगी है…तेरी मासूम सी आंखें…, का फ्यूज़न गायन पेश किया। विनय देवड़ा ग्रुप ने केसरिया बालम पधारो नी म्हारे देश… गीत की प्रस्तुति दी। इस दौरान होली खेले रघुवीरा अवध में…, म्हारो हेलो सुनोजी रामापीर…, सानू एक पल चैन ना आवे सजना तेरे बिना… की प्रस्तुति से श्रोता झूम उठे। नाथूलाल सोलंकी एंड पार्टी की ओर से मंच पर नगड़ावादन से धोरे गूंज उठे। किशनगढ़ की नेहा वैष्णव ने चरी नृत्य पेश किया। बाड़मेर के कलाकार भूंगर खान एंड पार्टी ने लंगा मणियार गायन पेश किया। भर पिचकारी म्हारे माथे पे मारे रे…, होलिया में उड़े रे गुलाल… महीनों फागण को…, गुजरात के सबीर एम सिद्धिकी नाद पार्टी ने सिद्धि धमाल पेश कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उम्मेदाराम बाड़मेर टीम ने ढोल चंग पर गैर नृत्य की प्रस्तुति दी। चूरू के गोपाल राम पार्टी ने चंग ढप पर राजा बलि के दरबार मची रे होली…, की प्रस्तुति दी। जयपुर की मोरा सपेरा एंड पार्टी ने कालबेलिया नृत्य पेश किया। भरतपुर के जितेंद्र बृजवासी पार्टी ने ब्रिज की होली… नृत्य पेश किया।