24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अजमेर

शहर के इस अस्पताल में कराना है इलाज तो अपने पैसों से लाना पड़ेगा बिस्तर और और आंगन में लेटकर ही चढ़वानी होगी ड्रिप

दूसरे दिन भी नहीं मरीजों की सुध, कहा शाम को मिलेगा बैड -50 बैड के अस्पताल को 70 बैड करने का सरकार को भेज रखा है प्रस्ताव

Google source verification

चन्द्र प्रकाश जोशी /अजमेर. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के टीबी अस्पताल की गैलरी में आंगन पर भर्ती रहे केकड़ी विधानसभा क्षेत्र के जूनिया निवासी सत्यनारायण ने आप बीती बताई। उन्होंने बताया कि संभाग के इतने बड़े अस्पताल में कोई इलाज के लिए भर्ती होता है, फिर बीमार होने के लिए नहीं। अस्पताल के वार्ड में बैड की व्यवस्था नहीं करवा पा रहे हैं। गैलरी में बने शौचालयों की दुर्गन्ध व गंदगी से ना तो खाना खाया जाता ना कुछ चाय दूध पीया जाता है।

 

उन्होंने बताया कि नर्सिंग स्टाफ के व्यवहार से मरीज अपनी जुबान बंद रखते हैं।सौ रुपए किराए पर लाकर चार दिन तक अस्पताल में भर्ती रहा। वह भी गैलरी में जहां चैनल गेट से आती सर्द हवाओं के साथ आंगन से ठिठुरन के बावजूद जमीन पर लेट कर चार दिन ऐसे निकालें जैसे कोई सजा काट रहा हो। हालात तो तब और खराब हो गए जब कंबल भी नहीं मिला, जब अखबार में खबरें छपी तो एक कंबल बड़ी मुश्किल से दिया गया। चार दिन भर्ती रहने के बाद आज डिस्चार्ज कर रहे हैं। मगर ओर लोगों के साथ ऐसा नहीं हो जो मेरे साथ हुआ है। अभी भी ये और मरीज आंगन पर बिस्कर लगाकर भर्ती हैं।

 

यहां डॉक्टरों का व्यवहार अच्छा है, इलाज भी अच्छा है, डॉक्टरों से शिकायत नहीं है, मगर मरीज को बिस्तर ही किराए पर लाकर भर्ती होना पड़ रहा है। मैंने चार दिन में चार सौ रुपए किराए के दिए। अब आज बिस्तर दिया है। आंगन पर लेचे-लेटे चढ़ा रहे ड्रिप कुचामन के निकटवर्ती ग्राम से टीबी अस्पताल में भर्ती हुए बुजुर्ग एवं परिजन ने बताया कि आंगन में लेटे हैं। बुधवार को भर्ती किया और कहा कि शाम तक बैड खाली होने पर उपलब्ध करा देंगे। फिर भी बैड नहीं मिला। ड्रिप भी आंगन पर लेटे-लेटे चढ़ाई जा रही है। यह है बैड की स्थिति एवं भर्ती मरीजों की संख्याटीबी अस्पताल में 50 बैड स्वीकृत हैं।

 

यहां मंगलवार को 64 मरीज भर्ती थे, बुधवार को करीब 55 मरीज भर्ती रहे। 20 बैड बढ़ाने के प्रस्ताव को नहीं मिली हरी झंडीमेडिकल कॉलेज व टीबी अस्पताल प्रशासन की ओर से 20 बैड और स्वीकृत करने व बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा हुआ है। अगर टीबी अस्पताल को 70 बैड का किया जाता है तो इसमें चिकित्सकों के साथ स्टाफ व सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है और सभी मरीजों को बैड मिल सकता है। इनका कहना हैटीबी अस्पताल में 50 बैड स्वीकृत है। दिन में करीब 55 मरीज भर्ती थे, शाम को 51 रहे। मरीज के लिए बिस्तर अस्पताल से दिए जा रहे हैं। अगर कोई बाहर से किराए पर लाया तो जानकारी नहीं है। राज्य सरकार को 20 बैड और बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा हुआ है।डॉ. नीरज गुप्ता, विभागाध्यक्ष टीबी अस्पताल