
तिजारा. सरिस्का विस्थापितों के बच्चों का सरकारी स्कूल आंधी ने उड़ा दिया। तिजारा के रूंध में झोपड़ीनुमा स्कूल की छत उड़ गई। 50 मासूम अब धूप-धूल में खुले आसमान तले पढ़ते हैं। एक शिक्षक, दो कुर्सियां – यही संसाधन। यह तस्वीर शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है। सरिस्का के विस्थापित परिवारों को तिजारा के पास की रूंध भूमि 2022 में बसाया था। इन्हें सरकार की ओर से प्रत्येक परिवार को 6 बीघा कृषि भूमि और घर बनाने के लिए भूखंड आवंटित किया । इस कॉलोनी में लगभग 180 परिवार रहते हैं, जिनकी कुल आबादी करीब 1,100 है। कॉलोनी तक पहुंचने के लिए उबड़-खाबड़ नाले और कच्चे रास्ते हैं, और यह कॉलोनी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। गांव के शिशराम गुर्जर व कांग्रेस के नेता इमरान खान ने बताया कि बिजली केवल नाम मात्र है। शिक्षा के लिए यहां मुख्य सडक़ से तीन किलोमीटर दूर, मिट्टी के टीले पर एक छोटी झोपड़ी में स्कूल चलता था, जो हाल ही में आए तेज अंधड़ में उड़ गई। इस स्कूल में 65 बच्चों का नामांकन था, लेकिन अब न कोई बच्चा आता है और न ही अध्यापक नियमित रूप से। बच्चों को पढ़ाई के लिए जमीन पर ही बैठना पड़ता है।
विद्यालय में न तो कोई कार्यालय है, न फर्नीचर, न पानी की कोई व्यवस्था। बारिश और गर्मियों में बच्चों के लिए छाया का इंतजाम भी नहीं है। अध्यापक के बैठने के लिए केवल दो टूटी-फूटी प्लास्टिक कुर्सियां हैं। तेज हवा में मिट्टी उड़ती रहती है और कोई बाउंड्री दीवार नहीं है।
धर्म ङ्क्षसह और अन्य विस्थापित परिवारों ने बताया कि राज्य सरकार ने यहां सडक़, शिक्षा, चिकित्सा, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं देने का वादा किया था। लेकिन अब तक कोई भी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। स्थानिय निवासी धर्म ङ्क्षसह ने कहा कि स्थिति अत्यंत ङ्क्षचताजनक है और बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। वहीं तिजारा के उप प्रधान दयाराम चावड़ा ने बताया कि लोगों को सुविधा एवं स्कूल के बारे में कलक्टर को अवगत कराया है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ये बोले जिम्मेदार
फोरेस्ट विभाग के द्वारा नगर परिषद तिजारा में 10 लाख रुपये की राशि जमा की गई है । नये भवन के लिए टेंडर प्रक्रिया की गई है । जल्द नये भवन का निर्माण कार्य शुरू कराया जायेगा। -मनीषा यादव, आयुक्त नगर परिषद तिजारा।
व्यवस्था के लिए एक टीचर लगा दिया है । बजट की जानकारी नही है । मौके पर जाकर जायजा लेकर ओर व्यवस्था की जाएगी ।
-रमेश चन्द मेघ,
सीबीईओ तिजारा।
बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं रख सकते
&ग्रामीणों की शिकायत पर मौके का निरीक्षण किया, जहां स्थिति बेहद ङ्क्षचताजनक मिली। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बात करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। एक ओर प्रधानमंत्री पीएम श्री स्कूलों की बात करते हैं, वहीं गरीब व विस्थापित बच्चों को बुनियादी शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है। सरकार से मांग है कि गांव में शीघ्र पक्का स्कूल भवन बने और बच्चों के शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित किया जाए। यह अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा।
-बलराम यादव,
कांग्रेस जिला अध्यक्ष, खैरथल-तिजारा जिला ।