अलवर. जिले के सरिस्का क्षेत्र में शुक्रवार सुबह से हो रही बरसात के बाद लगभग एक महीने बाद रूपारेल नदी में पानी की जोरदार आवक देखने को मिली। जिससे ग्रामीणों के चेहरे खिल गए। नटनी का बारा रूपारेल नदी को देखने के लिए लोगों की भीड लगी रही।
स्थानीय निवासी कृष्णकुमार, विक्रम पटेल, पप्पू गुर्जर आदि का कहना है कि अच्छी बरसात सुबह से ही हो रही है। सरिस्का के पहाड़ों में हुई बरसात के बाद रूपा रेल नदी में चार फीट तक पानी आया है। जिससे जयसमंद बांध को काफी फायदा होगा। क्षेत्र का भूजल स्तर भी बढ़ेगा। हालांकि काफी दिनों बाद नदी में पानी का बहाव दिखाई पडा है। कुछ दिनों से हो रही रिमझिम तो कभी तेज व मध्यम बारिश के बाद आज अच्छी बरसात के कारण नदी में पानी आया है।एक दशक बाद सूकड़ी नदी में आया पानी, बालेटा बांध में पहुंचा
मालाखेड़ा. क्षेत्र में शुक्रवार तड़के तेज बारिश होने के साथ अरावली पर्वत के पहाड़ों से बारिश का पानी आने से करीब एक दशक बाद सूकड़ीश्यामगंगा के नाम से जाने वाली नदी में जबरदस्त पानी आया। तेज बारिश के होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी है।
रेबारी बास, भाटाला बास, नाहर शक्ति, सिली बेरी क्षेत्र में पहाड़ी नाले बहने लगे। भाटाला बास निवासी मंगतू राम रेबारी, भगवान सहाय, मानसिंह, महेंद्र ने बताया कि काफी वर्षों बाद जोरदार बारिश हुई, जिससे रूपारेल की सहायक सूकड़ी नदी बहने लगी है। इससे जलस्तर बढ़ेगा। किसानों के सभी ट्यूबवेल जीवित हो सकेंगे। भाटालासड़क पूरे दिन बंद रहा। इस सूकड़ी नदी में कालीघाटी, पांडुपोल, नाहर शक्ति, रोटक्याला सहित कई पहाड़ों का पानी आया। बड़े वेग से नदी का बहाव तेज हो गया। उधर पांडुपोल भर्तहरि क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के बाद जयसमंद बांध और भरतपुर की ओर जाने वाली नदी में भी सुबह से शाम तक यह बहाव जारी रहा। प्रशासन की ओर से मौके पर किसी भी प्रकार के सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम नहीं देखे गए। जिसके चलते पानी के आसपास लोग बेखबर होकर मोबाइल से रील बनाते रहे।