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हरियाली तीज पर सखियों संग झूले की परम्परा को किया जीवंत … देखें वीडियो ….

क्षेत्र में तीज का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही बच्चे और महिलाएं झूले झूलते हुए नजर आए। महिलाओं ने एक-दूसरे को झूलाते हुए हरियाणवी लोकगीत गाकर त्योहार मनाया। क्षेत्र में कई जगहों पर पेड़ नहीं होने के चलते लोगों ने हाइड्रा पर ही झूला डाल लिया। जहां पर महिलाओं को झूला झूलने के लिए भीड़ लगी रही।

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लक्ष्मणगढ़. क्षेत्र में विभिन्न महिला मंडलों की ओर से शनिवार को हरियाली तीज का उत्सव मनाया गया। उत्सव के दौरान महिलाओं के लिए रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिलाओं ने सावन की मल्हार नाचते-गाते हुए झूला झूलकर आनन्द लिया। लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के मौजपुर गांव में आयोजित तीज महोत्सव में महिलाएं सावन के गीतों पर जमर थिरकी। कार्यक्रम संयोजक नीलम शर्मा ने बताया हरियाली तीज का पर्व हर उम्र की महिला के लिए काफी खास होता है। इस दिन महिलाएं व्रत करके पूजा-पाठ तो करती ही हैं, साथ में कई जगहों पर तो तीज के दिन झूला डालने का रिवाज है। झूला डालकर महिलाएं एक साथ झूकर मनोरंजन करती है। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने एक- दूसरे को मिठाई खिलाकर तीज की बधाई दी। इस दौरान निहारिका शर्मा, रिया गुप्ता, आंचल जैन, संतरा, आशा, राजश्री आदि महिलाएं मौजूद रही।
गोविन्दगढ़. कस्बे में किला स्थित सीताराम जी मंदिर पर राधा रानी सेवा दल की ओर से तीज महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने सावन के गीतों पर नृत्य किया और अपने मुख से सावन के गीतों को गाकर झूला झूलकर मनोरंजन किया है। इस अवसर पर मधु, मीरा गोयल, पुष्पा अरोड़ा, सीमा गाबा, हेमलता शर्मा, विमलेश, सुमन आदि मौजूद रहे।
पिनान. कस्बे के पाटन, छिलोड़ी, राजपुर छोटा, माचाड़ी, बीलेटा, पाड़ा, बैरेर, डोरोली, कानेटी, बहडकोकलां, गढ़ीसवाईराम आदि में महिलाओं ने तीज पर्व धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ सावन के गीत गाते हुए झूले का आनंद उठाया। इस अवसर पर अंजी बंसल, पूनम, नव्या, अनुराधा, रीना प्रधान, आरती गर्ग, विधा देवी, राजबाला, चीनू बंसल, अंजली, जीया मौजूद रही।
थानागाजी. हरियाली तीज का त्योहार कस्बे में धूमधाम से मनाया गया। जहाँ महिलाएं हरे रंग में नजर आई, उन्होंने सावन के गीतों पर नृत्य किया और अपने मुख से सावन के गीतों को गाकर झूला झूलकर मनोरंजन किया है। कुछ स्थानों पर महिलाओं ने व्रत रखकर शिव-पार्वती की कहानी सुनी। तीज पर महिलाओं ने राधा-कृष्ण के मन्दिरों में पहुंचकर बांके बिहारी को झूला झुलाया।
अकबरपुर. इसके अलावा कई संस्थानों द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन किया। महिला विमला शर्मा और मनोहरी देवी ने बताया कि हरियाली तीज सब कुछ हरा-भरा होने का त्योहार है। इस दिन झूले झूले जाते हैं और मिठाइयां खाकर जश्न मनाया जाता है। सभी त्योहारों का अपना महत्व है, जो आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं।