
सुरंग में बनाए गए चित्रों को पर्यटक कैमरे में कैद कर रहे हैं। शहर के महल चौक से सिटी पैलेस और सागर जाने वाली प्राचीन सुरंग जर्जर व खस्ताहाल हो गई थी। उसके बाद यहां काम शुरू हुआ। सुरंग में लाल पत्थर का काम करवाया गया है। शहर के सबसे प्रमुख पर्यटक स्थल संग्रहालय, मूसी महारानी, सागर, सिटी पैलेस, किशनकुंड जैसे पर्यटक स्थलों का रास्ता यहां से होकर जाता है। यहां पर राजस्थानी शैली में बणी-ठणी, ढोला मारू के साथ साथ सरिस्का के बाघ, अलवर का बाला किला, राजा महाराजाओं की तस्वीरें बनाई गई हैं। इसके साथ ही भगवान जगन्नाथ का इंद्रविमान, पूर्व महारानी को शेरों के साथ खेलते हुए दिखाया गया है। अलवर व किशनगढ़ शैली में त्योहार व उत्सव की झलक भी यहां दिखाई गई हैं। इसमें तीज माता की सवारी को भी दिखाया गया है। इसके साथ ही चित्रकला में कलात्मक रंगों से बेल-बुटे बनाए गए हैं जिससे सुरंग की दीवारों की सुंदरता में चार चांद लग गए हैंं।