दक्षिण पश्चिम कमान के जनरल अफसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल चेरिश मैथसन ने कहा कि पुलवामा में आतंकी हमले में 44 शहीद हुए हैं, इस घटना के प्रति गुस्सा और दुख है। इस हमले का बदला जरूर लिया जाएगा। इसके लिए दक्षिण पश्चिम कमान पूरी तरह से तैयार है। वे शनिवार को ईटाराणा सैनिक छावनी में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में गरीब और भूखे लोगों को आतंकी संगठन भर्ती करते हैं और कुछ हफ्तों की ट्रेनिंग के बाद हमारे देश में दहशतगर्दी फैलाने के लिए भेज देते हैं। एक मरा हुआ आतंकी उनके परिवार के लिए बेहतर है, क्योंकि मरने के बाद उनके परिवार को 2-3 लाख पाकिस्तानी रुपए मिल जाते हैं। लेफ्टिनेंट जनरल मैथसन ने संदेश देते हुए कहा कि आत्मघाती दहशतगर्दों को फिदायीन कहा जाता है, जो कि गलत है। फिदायीन अपने लक्ष्य पर फिदा होने को तैयार रहते हैं। आतंकियों को फि दायीन बोलकर इज्जत नहीं देनी चाहिए।
पत्थरबाजी के लिए सरहद पार से उकसाते हैं आतंकी
ले. जनरल मैथसन ने कहा कि कश्मीर घाटी में सेना की ओर से आतंकियों को समाप्त करने के कारण सक्रिय आतंकियों की संख्या कम हो रही है, सरहद पार से आतंकी हिंसा, दहशतगर्दी फैलाने के लिए घाटी के लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आतंकियों की ओर से उन्हें पत्थरबाजी के लिए पैसे दिए जाते हैं। उनके हथियार, खाने-पीने के सामान पाकिस्तान उपलब्ध कराता है, लेकिन अब पत्थरबाजी नहीं के बराबर रह गई है।