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निजी लैब में महंगी जांच कराने पर मजबूर हो रहे रोगी 
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निजी लैब में महंगी जांच कराने पर मजबूर हो रहे रोगी 

लैब के बाहर खड़े मरीजों ने बताया कि जांच के नाम से परेशान किया जाता है। एक दो जांच अंदर हो जाती है और जांच के लिए बाहर भेज देते है,दो बार सैंपल के लिए खून देना पड़ता है।

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रैणी सीएचसी में मौसमी बीमारियों के 400 से अधिक मरीज हो गए हैं, फिर भी डेंगू की जांच किट नहीं मंगाई गई है। मरीजों को निजी लैब में महंगी जांच कराने पर मजबूर किया जा रहा है। इसके अलावा अनावश्यक रूप से सीआरपी जांच करवाई जा रही है, जो जरूरी नहीं है। लैब मालिक और अस्पताल प्रबंधन के बीच मिलीभगत का संदेह है। ब्लॉलैब के बाहर खड़े मरीजों ने बताया कि जांच के नाम से परेशान किया जाता है। एक दो जांच अंदर हो जाती है और जांच के लिए बाहर भेज देते है,दो बार सैंपल के लिए खून देना पड़ता है। रैणी के ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रामस्वरूप मीणा का कहना है कि सीआरपी जांच की आवश्यकता ही नहीं है, गठिया, अर्थराइटिस के लिए सीआरपी जांच की जाती है। डेंगू की किट के लिए सीएचसी प्रभारी को निर्देश दे दिए है, एमआरएस की बैठक में प्रस्ताव लेकर किट खरीदी जायेगी।