अलवर. तत्कालीन राज्य सरकार की ओर से मुबारिकपुर को दिए गए नगर पालिका के दर्जे को गत दिनों डीएलबी के आदेशों के बाद स्थगित करने के विरोध में मुबारिकपुर के सैंकड़ों लोग मंगलवार देर रात कस्बे के मंदिर चौक पर इकट्ठा हो गए और सरकार के आदेशों के खिलाफ रोष व्यक्त किया। इस विरोध में सभी समाज के लोग शामिल हुए।
मुबारिकपुर चेयरमैन भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि सालभर पूर्व बनी नगर पालिका से गांव के विकास को पंख लगे थे। सफाई व्यवस्था के साथ रोड लाइट का कार्य हुआ। मनरेगा सहित स्थानीय सफाई कर्मियों को रोजगार मिल पाया। आरोप है कि मौजूदा सरकार के नेताओं ने एक साल बाद ही मुबारिकपुर के विकास पर विराम लगाने का काम किया है। इस आदेश के बाद कई कर्मचारियों का रोजगार छिन गया है। सबसे बड़ी बात ये है कि पूरे प्रदेश में केवल मुबारिकपुर नगरपालिका को समाप्त करने के आदेश जारी हुए है।
लोगों ने नगरपालिका हटाने के प्रति रोष व्यक्त किया। बैठक के दौरान निर्णय किया कि इस सम्बन्ध में मुबारिकपुर नगर पालिका बचाओ कमेटी गठित होगी, जिसमें कस्बे के हर समाज के लोगों का प्रतिनिधित्व होगा। ये प्रतिनिधि मण्डल ही आगामी रूपरेखा को तय करेगा। इसके विरोध में कस्बे के बाजारों को अनिश्चितकालीन बन्द रखा जाएगा। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल मौजूदा केन्द्र सरकार के केंद्रीय मंत्री सहित प्रदेश सरकार के मंत्रियों से मिल कर अपनी पीड़ा को रखेंगे और अगर नगरपालिका की मांग पूरी नहीं होती है तो आगामी चुनाव का पूरे कस्बे की तरफ से बहिष्कार किया जाएगा। बैठक में मुबारिकपुर सरपंच भूपेन्द्र सिंह, उपसरपंच गुरविंदर सिंह, पूरण पंच, कीर्तन सिंह, रविन्द्र सिंह, चिम्मन लाल, अग्रवाल समाज के अध्यक्ष राकेश गर्ग, लोची, अमृत सिंह, ओमप्रकाश, प्रदीप जैन, सुभाष मित्तल, किरोड़ी लाल सहित कई लोगों ने संबोधित किया।