राज्य का बजट 10 जुलाई को पेश किया जाएगा। बजट से सभी वर्गों को उम्मीद है। महिलाएं को बजट से क्या उम्मीद है, इसे लेकर राजस्थान पत्रिका के अलवर कार्यालय पर एक टॉक शो रखा गया, जिसमें उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी। महिलाओं का कहना था कि केंद्र और राज्य में एक ही सरकार की पार्टी है, इसलिए बजट में सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाए।उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर बजट में विशेष प्रावधान करने की मांग की।
अपराध कम हो
महिलाओं के साथ अपराध कम नहीं हो रहे हैं। रात हो या दिन महिला और बालिका सुरक्षित नहीं है। महिलाएं हर समय असुरक्षित महसूस कर रही हैं। कोचिंग, स्कूल व पार्क के बाहर महिला पुलिस का इंतजाम हो। बजट में ऐसा कठोर कानून लाया जाए, जिससे की महिलाओं के प्रति अपराध कम हों।
संगीता मीणा, हाउस वाइफ
पेयजल संकट का समाधान हो
पानी की समस्या बहुत ज्यादा है। गली-मोहल्लों से लेकर कॉलोनियों तक में लोग परेशान हैं। पानी का बिल आ रहा है, लेकिन नलों में पानी नहीं आ रहा। जब टैंकरों के लिए पानी है तो आम आदमी को पानी क्यों नहीं मिल रहा है। ईआरसीपी योजना से पानी लाने की योजना को जल्द पूरा किया जाए। जिससे की पानी की समस्या का समाधान हो।
लक्ष्मी शर्मा, हाउस वाइफ
महंगाई कम की जाएं
सरकार चाहे किसी भी पार्टी की बनी हो, लेकिन महंगाई कभी कम नहीं हो रही हैं। बल्कि हर साल बढ़ती जा रही है। राशन का सामान मसाले, तेल, घी, पेट्रोल-डीजल, गैस सिलेंडर के दाम हर साल बढ़ रहे हैं। इससे घर का पूरा बजट बिगड़ रहा है। इस बार के बजट में महंगाई कम की जाए।
कीर्ति शर्मा, वर्किंग वुमन
व्यापार में मिलें छूट
सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात करती है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। इसे धरातल पर लागू किया जाए। केंद्र व राज्य में एक ही सरकार है। महिला सशक्तीकरण पर अधिक बजट मिले। महिलाओं को व्यापार करने पर छूट मिले। अलवर को एनसीआर से बाहर निकालकर संभाग का दर्जा दिया जाना चाहिए।
रचना गोयल, एडवोकेट