राजगढ़. नगर पालिकाध्यक्ष पद का पदभार सतीश दुहरिया ने वैदिक मंत्रोचार के साथ गुरुवार को तीसरी बार ग्रहण कर लिया। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने पदभार ग्रहण करने से पहले माता को अध्यक्ष की सीट पर बैठाकर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर पालिका परिसर में आयोजित समारोह में पालिकाध्यक्ष सतीश दुहरिया का फूल मालाएं एवं साफा पहनकर स्वागत किया।
भाजपा नेता बन्ना राम मीना ने कहा कि सभी मिलजुल कर नगर पालिका को नगर परिषद में क्रमोन्नत कराएंगे। नगर परिषद बनने से राजगढ़ क्षेत्र का विकास होगा। पालिका में 6 माह से रुके विकास कार्यों को अब गति मिल सकेगी। इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी जगदीश खीचड़, प्रहलाद राय सैनी, नरेंद्र अवस्थी, अजय यादव, राजेंद्र जैन, जितेंद्र सैनी, सत्येंद्र सैनी, गिर्राज मैदानी, खेम सिंह आर्य, बाबूलाल शर्मा, वीरेंद्र दाधीच, पदमा गोयल, मीना खंडेलवाल, वंदना शर्मा, प्रीति विजय, प्रदीप शर्मा, पदमचंद गुप्ता, गणमान्य लोग, पार्षद सहित नगर पालिका के कर्मचारी मौजूद रहे।
यह रहा घटनाक्रमपालिकाध्यक्ष सतीश दुहारिया ने बताया कि मास्टर प्लान के तहत की गई तोड़फोड़ के बाद स्वायत्त शासन विभाग की ओर से उन्हें प्रारंभिक जांच में दोषी मानते हुए 25 अप्रेल 2022 को निलंबित कर दिया था। उसके बाद उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की। जिस पर 11 मई 2022 को उनके निलंबन पर स्टे आदेश दिए गए। जिस पर उन्होंने 12 मई 2022 को पदभार ग्रहण किया। इसी मामले में दोबारा 24 जुलाई 2023 को पुनः निलंबित कर दिया गया। एक ही मामले में स्वायत्त शासन विभाग ने दोबारा पुनः निलंबित कर दिया। उक्त निलंबन के आदेश के विरुद्ध राजस्थान उच्च न्यायालय में पुनः रिट याचिका का लगाई गई। जिस पर राजस्थान उच्च न्यायालय की ओर से 23 जनवरी 2024 को डीएलबी की ओर से निलंबन आदेश को रद्द कर दिया। इस पर गुरुवार को उन्होंने पुनः राजगढ़ नगर पालिका के अध्यक्ष पद का पदभार ग्रहण कर लिया है।