अलावड़ा. ग्राम पंचायत अलावड़ा के नंगली गांव स्थित शिव मंदिर में शुक्रवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा भक्ति ज्ञान यज्ञ कलश यात्रा के साथ शुरू की गई। इससे पूर्व कलश यात्रा शिव मंदिर से प्रारंभ होकर गांव के चारों ओर भ्रमण करते हुए वापस शिव मंदिर कथा स्थल पहुंच कर संपन्न हुई। जहां करीब 61 महिलाएं और कन्याएं कलश उठाए गांव के भ्रमण में शामिल हुईं।
डीजे की धुन के साथ निकाली गई कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश उठाकर मंगल गीत गाते हुए यात्रा में शामिल हुईं।
श्रद्धालु श्रीकृष्ण की महिमा के गीतों की धुन पर नाचते गाते भक्ति भाव में डूबे रहे। इस दौरान नगर वासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। आरती के साथ शुरू की श्रीमद् भागवत कथा में कथावाचक गौरव कृष्ण शास्त्री ने कथा वाचन किया। सर्वप्रथम इसकी महिमा बताई। इसके सुनने एवं आयोजन कराने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियों को ही मिलता है। सुनने वाले कई पापों से मुक्ति पा लेता है। ऐसे आयोजनों के लिए समय निकालना चाहिए। श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालु श्रीकृष्ण की भक्ति के साथ ही भगवान की बाल लीलाओं से लेकर असुरों के वध और यमुना में कङ्क्षलगा मर्दन आदि प्रसंग सुनाए जाएंगे। प्रत्येक दिवस झांकी के माध्यम से भगवान के विभिन्न स्वरुपों एवं लीलाओं वर्णन किया जाएगा। अंतिम दिन हवन व भंडारा का आयोजन किया जाएगा। कलश यात्रा के मौके पर के अध्यक्ष ताराचंद सैनी, प्यारेलाल, हरकिशन, बुद्ध राम, बिहारी, चरणी सैनी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं।
रामलीला को देख श्रद्धालु हुए भावविभोर
माचाड़ी (राजगढ़) ञ्च पत्रिका. माचाड़ी कस्बे के नंगेश्वर धाम आश्रम पर महंत माधव दास के सानिध्य में 14 मूर्तियों की स्थापना के उपलक्ष्य में चल रहे नव कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ के तीसरे दिन शुक्रवार को पूजन हवन यज्ञ के बाद श्रीराम कथा ज्ञान में वृंदावन के व्यास आचार्य पंडित संजीव कृष्ण दास शास्त्री ने भगवान श्रीराम कथा में भगवती पार्वती एवं शिव विवाह का विस्तार से प्रसंग सुनाया।
भगवान श्रीराम के विभिन्न अवतार की कथा के प्रसंगों पर प्रकाश डाला। रामलीला के शुभम कुमार राणा एंड पार्टी के कलाकारों ने नारद मोह, मायानगरी, विष मोहिनी स्वयंवर, राम जन्म, ताडक़ा वध, अहिल्या का उद्धार कर गंगा घाट का मंचन किया।
रामलीला को देखकर श्रोता भावविभोर हो गए। श्रीराम कथा श्रवण कर भगवान की मंगलमय आरती का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मंहत श्यामदास, भामाशाह दिनेश यादव, रूडमल यादव, पंडित रघुनंदन शर्मा, दीपक मीणा सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे। मंच का संचालन हेमंत दीवान ने किया।