सरसों-गेहूं को भारी नुकसान, किसानों की बढ़ी ङ्क्षचता
कोटकासिम ञ्च पत्रिका. क्षेत्र में सोमवार को अचानक बदले मौसम ने किसानों और व्यापारियों दोनों की ङ्क्षचता बढ़ा दी। सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे और दोपहर करीब 2:30 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। करीब पांच मिनट तक गिरे ओलों से मौसम ठंडा हो गया, लेकिन आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग बारिश और ओलों से बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, जबकि कई लोगों ने दुकानों और छप्परों के नीचे
शरण ली।
ओलावृष्टि किसानों के लिए आफत बनकर आई है। सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। जिन किसानों ने कटाई के बाद फसल खेतों में एकत्र कर रखी थी, वह भीग गई है और अब सूखने के बाद ही मशीन से निकाली जा सकेगी। वहीं कई स्थानों पर खड़ी फसल भी प्रभावित हुई है। गेहूं की फसल पर भी दोहरी मार पड़ी है। पहले हुई बारिश के कारण पकी फसल जमीन पर गिर गई थी, जिससे उसकी गुणवत्ता पहले ही प्रभावित हो चुकी थी। अब ओलावृष्टि से गेहूं की बालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। किसानों का कहना है कि इस नुकसान से उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है और लाखों रुपए के नुकसान की आशंका है।
इधर, बेमौसम बारिश का असर नगर पालिका क्षेत्र के मुख्य बाजार में भी देखने को मिला। बारिश के कारण बाजार में जलभराव हो गया और रुकी हुई नालियों से गंदगी फैल गई। दुकानदारों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पर्याप्त बजट के बावजूद नगर पालिका सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रही है। नालियों की सफाई नहीं होने से व्यापार प्रभावित हो रहा है और रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। वर्तमान में आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश जारी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना जताई है।