
मालाखेड़ा. सरकार की एग्रीस्टैक योजना का ऑनलाइन भूमि सत्यापन ऑप्शन साइट पर लोड नहीं होने के चलते महुआखुर्द पंचायत मुख्यालय पर बुधवार को शुरू किया गया शिविर किसानों के लिए परेशानी का सबब साबित हुआ। किसान रजिस्ट्री शिवर सरवर की भेंट चढ़ता दिखाई दिया।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से किसान का ई-केवाईसी तो हो गया, लेकिन सेकंड स्टेप में राजस्व विभाग के पटवारी की ओर से भूमि सत्यापन किया जाना था। जहां यह ऑप्शन ऑनलाइन अभी तक साइट पर ही उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते पंजीयन करने के बाद किसान भटकते रहे और पटवारी भूमि सत्यापन की साइट का ऑप्शन ढूंढ़ते रहे। आखिर में शिविर का पहला दिन परेशानी का सबब किसानों के लिए रहा।
सुबह 9:30 बजे तहसीलदार पहुंची
राज्य सरकार के आदेशों की पालन में कलक्टर के निर्देश पर मालाखेड़ा उपखंड क्षेत्र के महुआ खुर्द पंचायत मुख्यालय पर सुबह 9:30 बजे तहसीलदार मेघा मीणा पहुंच गई। जहां सूचना प्रौद्योगिकी, पटवारी, भू अभिलेख निरीक्षक तथा ग्राम पंचायत के कर्मचारी उपस्थित रहे। ई-मित्र की ओर से जमाबंदी तथा आधार कार्ड की प्रति निर्धारित शुल्क से निकाल कर किसान को उपलब्ध कराई। आधार कार्ड, जमाबंदी, राशन कार्ड के आधार पर किसान रजिस्ट्री शिविर में पंजीयन से पहले सरवर ठप रहा, लेकिन 1 घंटे के बाद सर्वर शुरू होने पर ई-केवाईसी शुरू की गई। जहां करीब दो दर्जन किसानों का पंजीयन हुआ। पंजीयन के पश्चात भूमि सत्यापन का ऑप्शन साइट पर नहीं होने से पटवारी की तरफ से जमीन का वेरीफिकेशन (प्रमाणित) नहीं होने से किसान रजिस्ट्री प्रमाण पत्र तैयार नहीं हुए। पटवारी के यहां भूमि सत्यापन नहीं होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जहां मजबूरन उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। सरपंच प्रतिनिधि एडवोकेट भूरे खान ने बताया कि पंचायत मुख्यालय पर आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। राजस्व विभाग के सर्वर नहीं चलने के कारण उनका किसान रजिस्ट्री के लिए पंजीयन नहीं हो पाया। कई किसान बिजली, पानी की समस्या को लेकर भी शिविर में पहुंचे, लेकिन समस्या हल नहीं हुई।
सत्यापन का ऑप्शन साइट पर नहीं
शिविर में संबंधित विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे। प्रथम चरण में ईकेवाईसी तो हुई, लेकिन दूसरे चरण में भूमि सत्यापन का ऑप्शन साइट पर नहीं खुलने तथा सर्वर ठप रहने के कारण किसान रजिस्ट्री प्रमाण पत्र तैयार करने में परेशानी हुई।
मेघा मीणा, मालाखेड़ा तहसीलदार।