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Alwar News: सड़क निर्माण कंपनी की लापरवाही से गहरे गड्ढे में गिरी कार

अलवर के अकबरपुर थाना क्षेत्र में एक कार सड़क चौड़ीकरण के लिए खोदे गए कई फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। ठेकेदार की लापरवाही के कारण हाईवे पर कोई चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर नहीं लगा था, जिससे यह हादसा हुआ।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 24 Jun 2026, 2:09 PM IST

Alwar Road Accident

हादसे में क्षतिग्रस्त कार (फोटो - पत्रिका)

अलवर-नटनी का बारां रोड इन दिनों ठेकेदारों की लापरवाही के कारण हादसों का पॉइंट बनता जा रहा है। बीती देर रात अकबरपुर थाना इलाके के सावड़ी गांव के पास एक कार सड़क किनारे खोदे गए एक गहरे गड्ढे में समा गई। कार सामान्य रफ्तार में ही थी, लेकिन रात के अंधेरे में अचानक सामने आए गड्ढे के कारण ड्राइवर उसे संभाल नहीं पाया। कार के गिरते ही एक बहुत जोरदार धमाका हुआ, जिसे सुनकर आसपास के ग्रामीण सहम गए।

ग्रामीणों ने तुरंत बिना वक्त गंवाए मौके पर जाकर कार का दरवाजा तोड़कर घायल ड्राइवर को बाहर निकाला। गनीमत यह रही कि कार में ड्राइवर के अलावा कोई और सवार नहीं था। ग्रामीणों ने तुरंत घायल शख्स को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

लापरवाही का गड्ढा, न संकेतक न रिफ्लेक्टर

दरअसल, इस मार्ग पर इन दिनों सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा है। रास्ते में छोटी पुलिया बनाने के लिए कंस्ट्रक्शन कंपनी ने कई फीट गहरे और बड़े गड्ढे खोद रखे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण का काम कर रहे ठेकेदार और कंपनी ने सुरक्षा के सारे नियमों को ताक पर रख दिया है।

मौके पर रात के अंधेरे में वाहन चालकों को सचेत करने के लिए न तो कोई रिफ्लेक्टर (चमकने वाली पट्टी) लगाई गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। गाड़ी की स्पीड सामान्य होने के बावजूद रात के अंधेरे में ड्राइवर को यह गहरा गड्ढा दिखाई नहीं दिया और कार सीधे उसमें जा घुसी। हादसे में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।


ग्रामीणों में भारी आक्रोश, प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्सा

इस घटना के बाद मौके पर जुटे सावड़ी गांव के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कंपनी और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की नाक के नीचे इतना बड़ा काम चल रहा है, लेकिन कोई भी सुरक्षा मानकों की जांच करने नहीं आता। अधिकारियों और ठेकेदार की इस लापरवाही की कीमत मासूम राहगीरों को अपनी जान जोखिम में डालकर चुकानी पड़ रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अगर वहां एक छोटा सा भी चेतावनी बोर्ड या लाइट वाला इंडिकेटर लगा होता, तो ड्राइवर समय रहते गाड़ी को रोक लेता और यह हादसा होने से बच जाता। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्माणाधीन सड़कों पर तुरंत सभी जरूरी संकेतक और बेरिकेड्स लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।