
अलवर जिले में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयास में जिला प्रशासन ने सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है। यह पहल मुख्य रूप से धूल के कणों को कम करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि हवा की गुणवत्ता में सुधार हो सके और नागरिकों को सांस लेने में राहत मिल सके। दिवाली से पूर्व प्रदूषण बढ़ने के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मंगलवार सुबह 8 बजे से ग्रेप-1 की पाबंदियां लागू हो गई हैं। पाबंदी के आदेश सोमवार को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जारी कर दिए हैं। वहीं, ग्रेप की पाबंदी के लिए जिला कलेक्टर सभागार में सभी अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें सभी विभागों को ग्रेप के दिशा-निर्देशों की पालना करने पर जोर दिया गया।
ग्रेप-1 में ये रहेगी पाबंदी
आमजन द्वारा उपयोग में लिए जाने वाले वाहन के इंजन का उचित रखरखाव रखें
वाहनों के टायरों में हवा का उचित दबाव बनाए रखें
वाहनों के पीयूसी प्रमाण-पत्र रखें
वाहनों को बेवजह चालू ना रखें, सड़कों पर लाल लाइट के दौरान वाहनों को बंद रखें
वाहन प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए हाइब्रिड वाहनों या ईवी को प्राथमिकता दें
खुल स्थानों पर अपशिष्ठ-कचरे का निष्पादन नहीं करें
वायु प्रदूषण से संबंधित गतिविधियों की सूचना के लिए ऐप-311, ग्रीन दिल्ली ऐप, समीर ऐप आदि का उपयोग करें
अधिक से अधिक पेड़ लगाएं
त्योहारों को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाएं। पटाखे चलाने से बचें
500 वर्ग मीटर या अधिक क्षेत्रफल वाली निर्माण गतिविधियां जो राज्य सरकार के वेब पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं, वे प्रतिबंधित रहेंगी। धूल शमन के निर्देशों की पालना कराने, ठोस कचरा अपशिष्ट निर्माण एवं विनिर्माण अपशिष्ट तथा परिसंकटमय अपशिष्ट का नियमित निस्तारण कराने, खुली भूमि पर कचरा नहीं डालने, मैकेनिकल वैक्यूम स्वीपिंग मशीनों से सड़कों की नियमित सफाई कराने, निर्माण स्थलों पर एंटी स्मॉग गन का उपयोग करने, सड़क निर्माण, रखरखाव एवं मरमत परियोजनाओं में एंटी स्मॉग गन पानी का छिड़काव धूल दमन का उपयोग करने, बायोमास व ठोस कचरे को खुले में जलाने पर सती से पाबंदी और आदेश की अवहेलना पर भारी जुर्माना लगाने, डंप साइट पर कचरा नहीं जलाने, भीड़भाड़ वाले व भारी यातायात वाले स्थानों पर सुचारू यातायात प्रवाह के लिए ट्रैफिक पुलिस की तैनाती करने, वाहनों में पीयूसी मानदंडों की कड़ाई से निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।