13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अम्बेडकर नगर

आंदोलित अधिवक्ताओं के आक्रोश को देख एसडीएम ने दफ्तर में ही नहीं रखा कदम, भ्रष्टाचार का लगा आरोप

जिले की टांडा तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आंदोलित अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए उपजिलाधिकारी कोमल यादव आज तहसील परिसर में ही नहीं आईं।

Google source verification

अम्बेडकर नगर. जिले की टांडा तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आंदोलित अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए उपजिलाधिकारी कोमल यादव आज तहसील परिसर में ही नहीं आईं। बताते चलें कि विगत कई दिनों से तहसील की कार्यप्रणाली और तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं में काफी रोष है, जिसको लेकर अधिवक्ता संघ की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार तहसील परिसर में आज से अधिवक्ता संघ धरना प्रदर्शन की घोषणा करने के साथ न्यायिक कार्य ठप्प करने की घोषणा की है।

नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठे अधिवक्ता-
एसडीएम भले ही अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए तहसील कार्यालय तक नहीं पहुंचे, लेकिन इसके बाद भी अधिवक्ताओं में आक्रोश कुछ कम नहीं हुआ और सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता टाइपिस्ट और मुंशी सामूहिक रूप से नारेबाजी करते हुए तहसील के बाहर सड़क पर प्रदर्शन करते हुए तहसील परिसर में एसडीएम के न्यायालय के बाहर धरने पर बैठ गए। संघ के अध्यक्ष जावेद सिद्दीकी की अध्यक्षता में धरने का संचालन महेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने किया। इस धरने को शेर बहादुर सिंह, शबक़दर आलम, सत्य प्रकाश मौर्य, नरेंद्र पांडेय समेत कई अधिवक्ताओं ने एसडीएम पर खुले आम भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। अध्यक्ष जावेद सिद्दीकी ने कहा कि एसडीएम के भागने से उन्हें छुट्टी नहीं मिलेगी। अधिवक्ता यहां से हटने वाले नहीं है और रात तक उनका इंतजार करने के साथ ही उनको घेरने का काम करेंगे।

प्रशासन की हो रही है किरकिरी-
साफ सुथरी और स्वच्छ प्रशासन देने की वाली सरकार की छवि को इस तरह के अधिकारी धूमिल कर रहे हैं। यहां अधिवक्ताओं के आंदोलन के साथ ही कल लेखपाल संघ के आक्रामक रवैये से भी प्रशासन की लगातार किरकिरी हो रही है, लेकिन एसडीएम की कार्यप्रणाली में किसी तरह के सुधार की बात न तो जिले के बड़े अधिकारी कर रहे हैं और न ही सांसद और विधायक इस पर कुछ बोल रहे हैं।