अंबिकापुर। 11 हाथियों का दल विगत एक माह से उदयपुर वन परिक्षेत्र में विचरण कर रहा है। इस दौरान हाथियों द्वारा बड़ी संख्या में किसानों के दर्जनों हेक्टेयर धान-मक्का की फसलों को बर्बाद कर दिया है।
वहीं हाथियों ने कुमडेवा महुआटिकरा के जंगल में चार दिन पूर्व एक ग्रामीण की जान ले ली थी।
जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात लगभग 8 बजे हाथियों का दल करम कटरा जंगल से निकलकर एनएच 130 को पार करते हुए ग्राम जजगी यादव पारा और उद्यान विभाग के नर्सरी में पहुंच गया।
एनएच से मात्र 200 से 300 मीटर की दूरी पर मक्का बाड़ी व धान के फसलों के बीच अपने घर के भीतर रह रहे बुजुर्ग लालमन यादव के साथ उस समय विषम परिस्थिति आ गई, जब 11 हाथियों के दल ने उसके घर को चारों तरफ से घेर लिया।
हाथी किसान के 5 एकड़ में लगे धान, मक्का, अरहर, टमाटर व केला की फसलों को खाने-रौंदने लगे । लगभग एक से डेढ़ घंटे तक उत्पात मचाने के बाद हाथी घर से सटे पानी की टंकी में पानी पीने के बाद कुछ देर के लिए जैसे ही किनारे हटे, वनपाल रामबिलास सिंह व अन्य कर्मचारियों ने तत्काल लालमन को वहां से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
बुजुर्ग के हटते ही हाथियों का दल फिर से उसी मक्का बाड़ी में आ गया और पुन: फसल को नुकसान पहुंचाने लगे। हाथी रात लगभग 9.30 बजे एनएच पर निकलने की कोशिश करने लगे तब वन अमले ने सुरक्षा की दृष्टि से लगभग आधे घंटे तक एनएच को ग्राम जजगी के समीप दोनों ओर से बंद कर दिया।
हाथियों का दल सुरक्षित जंगल की ओर निकल जाने के बाद पुन: आवागमन चालू किया गया। इधर हाथियों का दल झिरमिटी तथा जजगी, अलकापुरी के कई ग्रामीणों के धान की फसलों को नुकसान पहुंचाते हुए नर्सरी से अलकापुरी होते हुए वापस करम कटरा जंगल में चला गया।
वन अमला लगातार करा रहा मुनादी
वन अमला लगातार लोगों को जागरूक करने मुनादी करा रहा है । साथ ही डीएफओ टी शेखर के मार्गदर्शन में दो पालियों में 24 घंटे हाथियों पर नजर बनाए हुए है। लोगों द्वारा वन अमले की समझाइश न मानना, हाथियों को देखने-भगाने के लिए जंगल में घुसना और उनके नजदीक पहुंचना कई बार काफी घातक सिद्ध होता है। वन अमले द्वारा अब तक प्रभावित गांवों के कई लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा चुका है।