अंबिकापुर। ओडग़ी पुलिस ने एक युवक के अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए अपचारी बालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रेम प्रसंग में मुख्य आरोपी ने दो साथियों के साथ मिलकर मृतक को मौत के घाट उतारने के बाद उसकी लाश को रस्सी व पत्थर से बांध कर महान नदी में डाल दिया था। जानकारी के अनुसार ओडग़ी थाना क्षेत्र के ग्राम बिलासपुर निवासी धीरेंद्र उर्फ छोटू राजवाड़े १२ जून से घर से लापता था।
परिजन उसकी खोजबीन में जुटे थे। इसी दौरान ग्राम कुप्पा स्थित महान नदी में धीरेंद्र की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक के परिजन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची व जांच के बाद शव को पीएम हेतु अस्पताल भेजा।
पीएम रिपोर्ट की क्यूरी कराने पर डॉक्टर द्वारा लात-मुक्का से मारपीट के कारण लगी चोट से मौत होने का कारण बताया गया। इसके बाद पुलिस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा ३०२ व २०१ के तहत अपराध दर्ज कर लिया। मामले में एसपी आई कल्याण एलिसेला ने आरोपियों की जल्द पतासाजी कर गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।
ओडग़ी पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान संदेही सुखसाय, राजकुमार व 1 अपचारी बालक को पकड़ा गया। पूछताछ में तीनों ने मृतक की हत्या का जुर्म कबूल लिया। मुख्य आरोपी सुखसाय ने बताया कि उसका प्रेम संबंध एक लडक़ी से था जबकि वह शादीशुदा थी।
लेकिन उसके पति को इसकी जानकारी होने पर उसने लडक़ी को छोड़ दिया था। इसी बीच लडक़ी का मृतक धीरेंद्र उर्फ छोटू से भी प्रेम संबंध हो गया। जब सुखसाय को इसकी जानकारी मिली तो १२ जून को उसने फोन कर मृतक को लडक़ी को छोड़ देने की धमकी भी दी, लेकिन मृतक नहीं माना। इसी दिन सुखसाय को पता चला कि मृतक व लडक़ी महान नदी में नहाने गए हैं।
फिर जब मृतक महान नदी से वापस वापस घर जाने लगा तब सुखसाय ने अपने साथी राजकुमार और अपचारी बालक के साथ मिलकर उसका रास्ता रोक लिया और लात-मुक्के से जमकर पीटने करने के बाद गला दबाकर जान ले ली। फिर उसी रात्रि में तीनों रस्सी से बांधकर मृतक को उठाकर महान नदी ले गए और यहां पत्थर बांधकर शव को गहरे पानी में डाल दिया था।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक की चप्पल व घटना में प्रयुक्त पत्थर जब्त कर आरोपी सुखसाय सिंह पिता पुरूषोत्तम सिंह उम्र 23 वर्ष, राजकुमार प्रजापति पिता गंगाराम प्रजापति उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम खर्रा तथा एक अपचारी बालक को गिरफ्तार कर लिया है।
कार्यवाही में एसडीओपी ओडग़ी राजेश जोशी के नेतृत्व में थाना प्रभारी ओडग़ी एनके त्रिपाठी, एएसआई विदवाराम यादव, प्रधान आरक्षक सोहन लाल पावले, बहादूर सिंह, आरक्षक जितेन्द्र पटेल, हृदय राजवाड़े, गोरख राजवाड़े, रामप्रसाद, अशोक केंवट व अमरेन्द्र दुबे सक्रिय रहे।