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आज का पंचांग, बुधवार, 1 अक्टूबर 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika
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आज का पंचांग, बुधवार, 1 अक्टूबर 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025 : आज के पंचांग में जानिए आज का श्रेष्ठ चौघड़िया, तिथि, दिशा शूल, राहु काल वेला, नक्षत्र, योग, करण, व्रत / दिवस विशेष, चन्द्रमा, ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन। आइए, पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद् से जानते हैं आज का पंचांग।

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भारत

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Kamlesh Kholiya

Oct 01, 2025

🌟(आज का पंचांग – बुधवार, 1 अक्टूबर, 2025)🌟

विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 8 रवि उलसानी
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – आश्विन
पक्ष – शुक्ल

श्रेष्ठ चौघड़िये – आज लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः सूर्योदय से 9:20 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 10:48 से 12:17 तक रहेगा। चर, लाभ के चौघड़िये क्रमशः 3:13 से सूर्यास्त तक रहेंगे। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

तिथि – नवमी तिथि सांय 7:02 तक रहेगी तदुपरान्त दशमी तिथि होगी।

दिशा शूल – आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 12:00 से 1:30 तक

नक्षत्र – पूर्वाषाढा़ नक्षत्र दिन 8:06 तक रहेगा तदुपरान्त उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होगा।
योग – अतिगंड योग रात्रि 12:34 तक रहेगा तदुपरान्त सुकर्मा योग रहेगा।
करण – बव करण प्रातः 6:34 तक तदुपरान्त बालव करण रहेगा।

विशिष्ट योग – रवियोग प्रातः 8:06 से प्रारम्भ।

व्रत / दिवस विशेष – शारदीय नवरात्र समाप्त, महानवमी, श्री हरि जयंती, नवाश्व पूजा, सरस्वती बलिदान दिन 8:06 से प्रारम्भ, मन्वादि,

चन्द्रमा – आज दिन 2:27 तक धनु राशि में होगा तदुपरान्त मकर राशि में प्रवेश होगा।

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज दिन 2:27 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि धनु होगी तदुपरान्त मकर राशि होगी। आज दिन 8:06 तक पूर्वाषाढा़ नक्षत्र होगा तदुपरान्त उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर ढ़ा, भे, भो, ज, जि पर रखे जा सकते हैं।

धनु राशि के स्वामी बृहस्पति होने से व्यक्ति ज्ञानी व समझदार होता हैं, परंतु गुस्सा जल्दी करते हैं। इनमें विवेक, शक्ति और पराक्रम होता हैं। सौम्य शांत, सरल स्वभाव, धार्मिक प्रकृति, उदार हृदय, परोपकारी, संवेदनशील, करुणा, दया आदि भावनाओं से युक्त होते हैं। ऐसे लोग अध्यापक, धर्म-प्रचारक, वकील और पुस्तक का व्यवसाय करने वाले होते हैं। ये दूर की सोच सोचते हैं और भलाई करने में हमेशा तैयार रहते हैं।

✍️ पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्