🌟(आज का पंचांग – शनिवार, 10 जनवरी, 2026)🌟
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 20 रज्जब
अयन – उत्तरायण
ऋतु – शिशिर ऋतु
मास – माघ
पक्ष – कृष्ण
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज शुभ का चौघड़िया 8:40 से 9:58 तक रहेगा। चर का चौघड़िया 12:34 से 1:52 तक रहेगा तथा लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 1:52 से 4:29 तक रहेंगे। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – सप्तमी तिथि दिन 8:24 तक होगी तदुपरान्त अष्ठमी तिथि होगी।
दिशा शूल – आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 9:00 से 10:30 तक
नक्षत्र – हस्त नक्षत्र दिन 3:40 तक होगा तदुपरान्त चित्रा नक्षत्र होगा।
योग – अतिगंड योग दिन 4:58 तक रहेगा तदुपरान्त सुकर्मा योग रहेगा।
करण – बव करण दिन 8:24 तक रहेगा तदुपरान्त बालव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – यमघंट योग सूयोदय से दिन 3:40 तक
व्रत / दिवस विशेष – सप्तमी तिथि वृद्धि, विश्व हिन्दी दिवस, कालाष्टमी, श्री रामानन्दाचार्य जयंती, स्वा. विवेकानंद जयंती ( तिथि से),
चन्द्रमा – आज रात्रि 4:53 तक कन्या राशि में होगा तदुपरान्त तुला राशि में प्रवेश होगा।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – शुक्र का उत्तराषाढा नक्षत्र में प्रवेश दिन 12:22 पर,
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज रात्रि 4:53 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कन्या होगी तदुपरान्त तुला राशि होगी। आज दिन 3:40 तक जन्म लेने वाले बच्चों का हस्त नक्षत्र होगा तदुपरान्त चित्रा नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर ण, ठ, पे, पो, र पर रखे जा सकते हैं। कन्या राशि का स्वामी बुध होता हैं।
ये लोग अकाउंटेंट, बैंकिंग, ट्रेडिंग, अध्यापन और ज्योतिष का काम करना पसंद करते हैं और अच्छे लेखक भी होते हैं। इनकी वाणी व वाक् शक्ति में कुशलता होती हैं। ये कोमल स्वभाव के होते हैं। संगीत, कला-साहित्य, प्रियभाषी, अध्यापन, लेखन, क्रय-विक्रय में कुशल होते हैं। ये कोमल स्वभाव के होते हैं और व्यंग करना पसंद करते हैं। ये जातक प्रियभाषी, कार्य में सहायक, लज्जाशील प्रकृति, नरम स्वभाव और निति के अनुकूल काम करने वाला होगा।
कल्पनाशील सूक्षमदर्शी एवं संवेदनशील स्वभाव का होता हैं। ये बुद्धिमान, तीव्र स्मरणशक्ति एवं अध्ययनशील प्रकृति के होते हैं। तुला राशि का स्वामी शुक्र होता हैं। यह सौम्य व भावुक होते हैं। इन्हें देश-विदेश घूमने का शौक होता है, किसी के अधीनस्थ रह कर कार्य करना पसंद करते हैं। यह एक स्थान पर टिक कर नहीं रहते। ये सुंदरता पसंद होते हैं और कलात्मक होते हैं। इनका स्वभाव आकर्षक होता हैं। ये न्यायशील, बुद्धिमान, तर्कशील एवं सर्तक रहने वाला होते हैं।
✍️ पं. मुकेश भारद्वाज
📍 ज्योतिर्विद् एवं वास्तुविद्