🌟(आज का पंचांग – शुक्रवार, 2 जनवरी, 2026)🌟
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 12 रज्जब
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शिशिर ऋतु
मास – पौष
पक्ष – शुक्ल
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः सूर्योदय से 11:13 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 12:31 से 1:48 तक रहेगा। चर का चौघड़िया 4:23 से सूर्यास्त तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – चतुर्दशी तिथि सायं 6:54 तक होगी तदुपरान्त पूर्णिमा तिथि होगी।
दिशा शूल – आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 10:30 से 12:00 तक रहेगा।
नक्षत्र – मृगशिरा नक्षत्र रात्रि 8:04 तक होगा तदुपरान्त आर्द्रा नक्षत्र होगा।
योग – शुक्ल योग दिन 1:07 तक रहेगा तदुपरान्त ब्रह्म योग रहेगा।
करण – गर करण दिन 8:38 तक रहेगा तदुपरान्त वणिज करण रहेगा।
विशिष्ट योग – रवियोग रात्रि 8:04 तक, राजयोग सायं 6:54 से रात्रि 8:04 तक।
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा सायं 6:54 से प्रातः 5:13 तक, चांद्र पूर्णिमा व्रत,
चन्द्रमा – आज दिन 9:26 तक वृष राशि में होगा तदुपरान्त मिथुन राशि में प्रवेश होगा।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज दिन 9:26 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि वृष होगी तदुपरान्त मिथुन राशि होगी। आज रात्रि 8:04 तक जन्म लेने वाले बच्चों का मृगशिरा नक्षत्र होगा तदुपरान्त आर्द्रा नक्षत्र होगा। आज रात्रि 8:04 तक जन्मे बच्चों का स्वर्ण पाद होगा तदुपरान्त रजत पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर वो, क, की, कु, घ, ङ पर रखे जा सकते हैं।
वृष राशि के स्वामी शुक्र हैं. वृष राशि में जन्मे बच्चे सौम्य स्वभाव, सहनशील, धैर्यवान, शीतल स्वभाव वाले, कलात्मक, रसिक प्रवृत्ति वाले, तेजस्वी, संघर्षशील, हठी, स्वाभिमानी, दयालु, कृतज्ञ, माता पिता व गुरु भक्त, आकर्षक, ऐश्वर्य युक्त, आभूषण आदि अलंकरण प्रिय होते हैं। ये व्यक्ति तेजस्वी, संघर्षशील, स्वाभिमानी, श्रेष्ट मित्रों से युक्त, माता-पिता तथा गुरु के भक्त होते हैं।
मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं। मिथुन राशि में जन्मे बच्चे बुद्धिमान, कुशल व्यापारी, गणितज्ञ, चतुर, निडर, अच्छे वक्ता, त्वरित बुद्धि वाले, कलाकार, आत्म केन्द्रित होते हैं। ये पढ़ाई में अच्छे होते हैं और लेखक, कविताकार और बौद्धिक कार्य करने वाले होते हैं। इनका नरम स्वभाव होने के कारण कमजोर भी समझा जाता हैं, परन्तु तीक्ष्ण बुद्धि तथा तर्क-वितर्क करने में कुशल होते हैं। क्रय-विक्रय, लेखन-पत्र कार्य, एकाउंट्स, बैंकिंग एवं तकनीकी कार्यो में विशेष सफल होते हैं।
✍️ पं. मुकेश भारद्वाज
📍 ज्योतिर्विद् एवं वास्तुविद्