🌟(आज का पंचांग – रविवार, 2 नवम्बर 2025)🌟
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 10 जमादि उल अव्वल
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – हेमंत ऋतु
मास – कार्तिक
पक्ष – शुक्ल
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज दिन में चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 8:03 से 12:10 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 1:33 से 2:55 तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – एकादशी तिथि प्रातः 7:32 तक तदुपरान्त द्वादशी तिथि होगी अंतरात्रि 5:08 तक होगी तदुपरान्त त्रयोदशी तिथि होगी।
दिशा शूल – आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 4:30 से 6:00 तक
नक्षत्र – पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र सायं 5:04 तक तदुपरान्त उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा।
योग – व्याघात योग रहेगा रात्रि 11:10 तक रहेगा तदुपरान्त हर्षण योग रहेगा।
करण – विष्टि करण प्रातः 7:32 तक तदुपरान्त बव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – त्रिपुष्कर योग प्रातः 7:32 से सायं 5:04 तक, राजयोग सायं 5:04 से अंतरात्रि 5:08 तक, सर्वार्थसिद्धि योग सायं 5:04 से सूर्योदय तक,
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा दिन 7:32 तक, त्रिस्पृशा महाद्वादशी प्रत, देव प्रबोधोत्सव, पंचक, द्वादशी तिथि क्षय, तुलसी विवाह, चातुर्मास व्रत नियम समाप्त, मन्वादि, हरिवासरा भाव, कालिदास जयंती, गरुड़ द्वादशी (उडीसा), पण्ढ़रपुर यात्रा (महाराष्ट्र),
चन्द्रमा – आज दिन 11:27 तक कुम्भ राशि में होगा तदुपरान्त मीन राशि में प्रवेश होगा।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – शुक्र का तुला राशि में प्रवेश दिन 1:15 पर
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज दिन 11:27 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कुम्भ होगी तदुपरान्त मीन राशि होगी। आज जन्म लेने वाले बच्चों का सायं 5:04 तक पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र होगा तदुपरान्त उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा। आज जन्मे बच्चों का लौह पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर द, दी, दू, थ, झ पर रखे जा सकते हैं।
कुम्भ का स्वामी भी शानि हैं। इनका स्वभाव दयावान, निस्वार्थ, स्वतंत्रताप्रिय, कल्पना शील और देश-विदेश घूमने के शौकीन होते हैं। ये लोग सेल्समेन, वकील व जज होते हैं। ये जातक उच्चाधिकारी, उच्चपदासीन, क्रय-विक्रय, प्रोफेसर, जज-वकील, उच्चपदवी या धनी व्यापारी होते हैं। ये जातक बुद्धिमान, साधन-सम्पन्न, तीव्र स्मरण-शक्ति एवं गंभीर प्रकृति वाले होते हैं।
मीन राशि के स्वामी गुरु हैं इस राशि के बच्चे सौम्य, गंभीर स्वाभाव वाले, बुद्धिमान, विवेकी, ज्ञानी, धार्मिक, परोपकारी, साहित्य प्रेमी, आध्यात्म प्रेमी, भावुक, अध्ययनशील, सज्जन, कल्पनाशील, उच्चाकांक्षी, स्वाभिमानी चंचल और कार्यों के प्रति थोड़े लापरवाह होते हैं।
✍️ पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्