🌟(आज का पंचांग – गुरुवार, 2 अक्टूबर, 2025)🌟
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 9 रवि उलसानी
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – आश्विन
पक्ष – शुक्ल
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज शुभ का चौघड़िया सूर्योदय से 7:52 तक रहेगा। चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 10:48 से 3:13 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 4:41 से सूर्यास्त तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – दशमी तिथि रात्रि 7:11 तक रहेगा तदुपरान्त एकादशी तिथि होगी।
दिशा शूल – आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 1:30 से 3:00 तक रहेगा।
नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र दिन 9:13 तक रहेगा तदुपरान्त श्रवण नक्षत्र होगा।
योग – सुकर्मा योग रात्रि 11:28 तक रहेगा तदुपरान्त धृति योग रहेगा।
करण – तैतिल करण प्रातः 7:06 तक तदुपरान्त गर करण रहेगा।
विशिष्ट योग – रवियोग संपूर्ण दिनरात्रि
व्रत / दिवस विशेष – विजयादशमी, दशहरा पर्व, नवरात्रोत्थापन व नवरात्र व्रत पारणा, श्री माधवाचार्य जयंती, आयुध व अपराजिता-शम्मी पूजा, सरस्वती विसर्जन दिन 9:13 के बाद, महात्मा गांधी व शास्त्री जयंती,
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि मकर राशि में होगा।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – बुध तुला में प्रवेश प्रातः 3:44 पर,
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मकर होगी। आज दिन 9:13 तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होगा तदुपरान्त श्रवण नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर जी, खी, खु, खे, खो पर रखे जा सकते हैं।
मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं। ये राशि शांत स्वभाव की धैर्यवान व सहनशील होती हैं। परंतु ये लोभी भी होते हैं। इनका व्यवहार गहन विचार करने वाला व क्षमाशील होता हैं। ये लोग अच्छे व्यापारी होते हैं। ये चर राशि होने के कारण एक स्थान पर एक जगह टिक कर कार्य नहीं कर पाते। अधिकतर तोल-मोल कर बात करते हैं और एकांतप्रिय, तपस्या व तप पसंद करते हैं।
✍️ पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्