🌟(आज का पंचांग – रविवार, 21 सितम्बर, 2025)🌟
विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 28 रवि उल अव्वल
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – आश्विन
पक्ष – कृष्ण
श्रेष्ठ चौघड़िये – आज दिन में चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 7:49 से 12:20 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 1:50 से 3:21 तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
तिथि – अमावस्या तिथि रात्रि 1:24 तक होगी तदुपरान्त प्रतिपदा तिथि होगी।
दिशा शूल – आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 4:30 से 6:00 तक
नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र दिन 9:32 तक रहेगा तदुपरान्त उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र होगा।
योग – शुभ योग रात्रि 7:53 तक रहेगा तदुपरान्त शुक्ल योग रहेगा।
करण – चतुष्पद करण दिन 12:50 तक तदुपरान्त नाग करण रहेगा।
विशिष्ट योग – सर्वार्थसिद्धि योग दिन 9:32 से सूर्योदय तक
व्रत / दिवस विशेष – देवपितृकार्य अमावस्या, सर्वपितृ श्राद्ध, सिंजा माता पूजन व पितृपक्ष पूर्ण, खण्डग्रास सूर्यग्रहण (भारत में अदृश्य), महापात योग रात्रि 11:10 से रात्रि 4:45 तक,
चन्द्रमा – आज दिन 12:50 तक सिंह राशि में होगा तदुपरान्त कन्या राशि में प्रवेश होगा।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – राहु पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में प्रवेश दिन 2:55 पर, केतु पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 3 में प्रवेश दिन 2:55 पर,
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज 12:50 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि सिंह होगी तदुपरान्त कन्या राशि होगी। आज दिन 9:32 तक पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र होगा तदुपरान्त उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर टू, टे, टो, प, पी पर रखे जा सकते हैं।
सिंह राशि के स्वामी सूर्य है। इस राशि के बच्चे निडर, साहसी, दयालु, ऐश्वर्यशाली, शत्रुहन्ता होते हैं। ये अग्नि तत्व की राशि हैं, जिससे इनको गुस्सा जल्दी आ जाता हैं, परंतु नर्म भी जल्दी हो जाते हैं। ये पराक्रमी व बुद्धिमान, उधमी, कर्मठ, निड़र, स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं, और बड़े काम से घबराते नहीं हैं। इनमें नैसर्गिक नेतृत्त्व क्षमता होती है। कन्या राशि का स्वामी बुध होता हैं। ये लोग अकाउंटेंट, बैंकिंग, ट्रेडिंग, अध्यापन और ज्योतिष का काम करना पसंद करते हैं।
✍️ पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्