15 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

धर्म/ज्योतिष
आज का पंचांग, बुधवार 22 अक्टूबर 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika
Play video

आज का पंचांग, बुधवार 22 अक्टूबर 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika

बुधवार 22 अक्टूबर 2025 : आज के पंचांग में जानिए आज का श्रेष्ठ चौघड़िया, तिथि, दिशा शूल, राहु काल वेला, नक्षत्र, योग, करण, व्रत / दिवस विशेष, चन्द्रमा, ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन। आइए, पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद् से जानते हैं आज का पंचांग।

Google source verification

भारत

image

Kamlesh Kholiya

Oct 22, 2025

🌟(आज का पंचांग – बुधवार, 22 अक्टूबर, 2025)🌟

विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 29 रवि उलसानी
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – कार्तिक
पक्ष – शुक्ल प्रारम्भ

श्रेष्ठ चौघड़िये – आज लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः सूर्योदय से 9:23 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 10:47 से 12:11 तक रहेगा। चर, लाभ के चौघड़िये क्रमशः 3:00 से सूर्यास्त तक रहेंगे। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

तिथि – प्रतिपदा तिथि रात्रि 8:17 तक होगी तदुपरान्त द्वितीया तिथि होगी।

दिशा शूल – आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 12:00 से 1:30 तक

नक्षत्र – स्वाती नक्षत्र रात्रि 1:52 तक होगा तदुपरान्त विशाखा नक्षत्र होगा।
योग – प्रीति योग रहेगा प्रातः 4:05 तक रहेगा तदुपरान्त आयुष्मान योग रहेगा।
करण – किंस्तुघ्न करण प्रातः 7:06 तक तदुपरान्त बव करण रहेगा।

व्रत / दिवस विशेष – अन्नकूट, गोवर्धन व बलिराज पूजा, गोक्रीडा, जैन संवत् 2552 प्रारंभ.

चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि तुला राशि में होगा।

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि तुला होगी। आज रात्रि 1:52 तक स्वाती नक्षत्र होगा तदुपरान्त विशाखा नक्षत्र होगा। आज रात्रि 1:52 तक जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा तदुपरान्त ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर रे, रो, ता, ती पर रखे जा सकते हैं।

तुला राशि का स्वामी शुक्र होता हैं। यह सौम्य व भावुक होते हैं। इन्हें देश-विदेश घूमने का शौक होता है, किसी के अधीनस्थ रह कर कार्य करना पसंद करते हैं। यह एक स्थान पर टिक कर नहीं रहते। ये सुंदरता पसंद होते हैं और कलात्मक होते हैं। इनका स्वभाव आकर्षक होता हैं। ये न्यायशील, बुद्धिमान, तर्कशील एवं सर्तक रहने वाला होते हैं। जातक को देश-विदेशों में अनेक स्थानों पर भृमण करने के अवसर प्राप्त होते हैं।

✍️ पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्