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आज का पंचांग, मंगलवार, 26 अगस्त, 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika

मंगलवार, 26 अगस्त, 2025 : आज के पंचांग में जानिए आज का श्रेष्ठ चौघड़िया, तिथि, दिशा शूल, राहु काल वेला, नक्षत्र, योग, करण, व्रत / दिवस विशेष, चन्द्रमा, ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन। आइए, पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद् से जानते हैं आज का पंचांग।

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भारत

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Kamlesh Kholiya

Aug 26, 2025

(आज का पंचांग – मंगलवार, 26 अगस्त, 2025)

विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 2 रवि उल अव्वल
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – भाद्रपद
पक्ष – शुक्ल

श्रेष्ठ चौघड़िये – आज चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9:18 से 2:04 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 3:39 से 5:15 तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

तिथि – तृतिया तिथि दिन 1:55 तक होगी तदुपरान्त चतुर्थी तिथि होगी।

दिशा शूल – आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 3:00 से 4:30 तक

नक्षत्र – हस्त नक्षत्र अंतरात्रि 6:04 तक होगा तदुपरान्त चित्रा नक्षत्र होगा।
योग – साध्य योग दिन 12:09 तक रहेगा तदुपरान्त शुभ योग रहेगा।
करण – गर करण दिन 1:55 तक तदुपरान्त वणिज करण रहेगा।

विशिष्ट योग – रवियोग सूर्योदय से अंतरात्रि 6:04 तक

व्रत / दिवस विशेष – भद्रा रात्रि 2:50 से प्रारम्भ, हरितालिका तीज व्रत, मन्वादि, कलंक चौथ, चंद्रदर्शन निषेध, चंद्रास्त जयपुर में रात्रि 8:36 पर, साम श्रावणी उपाकर्म (सामवेदियों की राखी), श्यामा चरण जयंती, गुरु रामदास पुण्य दिवस (प्रा.मत से), रोट तीज (दि.जैन), गौरी व्रत (उड़ी.),

चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि कन्या राशि में होगा।

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कन्या होगी। आज अंतरात्रि 6:04 तक हस्त नक्षत्र होगा तदुपरान्त चित्रा नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर पू, ष, ण, ठ, पे पर रखे जा सकते हैं।

कन्या राशि का स्वामी बुध होता हैं। ये लोग अकाउंटेंट, बैंकिंग, ट्रेडिंग, अध्यापन और ज्योतिष का काम करना पसंद करते हैं और अच्छे लेखक भी होते हैं। इनकी वाणी व वाक् शक्ति में कुशलता होती हैं। ये कोमल स्वभाव के होते हैं। संगीत, कला-साहित्य, प्रियभाषी, अध्यापन, लेखन, क्रय-विक्रय में कुशल होते हैं। हैं। ये कोमल स्वभाव के होते हैं और व्यंग करना पसंद करते हैं।

पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्