
Meen Sankranti 2026 : सूर्य का राशि परिवर्तन: 4 राशियों के लिए खुशखबरी, 4 को रहना होगा बेहद सावधान (फोटो सोर्स: Gemini AI)
Kharmas 2026 : 14 मार्च की अर्द्धरात्रि में सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास शुरू होगा, जो 14 अप्रैल तक रहेगा। सूर्य अपनी मित्र राशि मीन में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से शनिदेव भी विराजमान हैं। गुरु की राशि मीन में सूर्य का गोचर होगा जो सूर्य के मित्र गुरु की राशि है। इस दौरान मीन राशि में शुक्र, शनि और सूर्य के बीच युति संबंध बनने से त्रिग्रही योग बनेगा। सूर्य यहां से अपनी राशि पर दृष्टि डालेंगे जबकि गुरु और सूर्य एक दूसरे से केंद्र भाव में रहेंगे।
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि सूर्य 14 अप्रैल तक मीन राशि में रहेगा। मित्र राशि में सूर्य का आना शुभ रहता है लेकिन गुरु की राशि में सूर्य के आने से अब एक महीने तक शादी, सगाई, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कामों के लिए मुहूर्त नहीं होगा। क्योंकि खरमास रहेगा। सूर्य ग्रह 15 मार्च को कुंभ राशि (Surya Gochar 2026) से निकलकर मीन राशि में गोचर कर जाएंगे। मीन राशि में शनि ग्रह पहले से ही विराजमान हैं ऐसे में मीन राशि में सूर्य और शनि की युति होगी। ज्योतिष में इस युति को शुभ नहीं माना जाता। इस युति के चलते कुछ राशियों को पारिवारिक और सामाजिक जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
सूर्य का राशि (Surya Gochar 2026) परिवर्तन वृष, मिथुन, तुला और मकर राशि के लिए शुभ रहेगा। वहीं चार राशियों के लिए अशुभ और अन्य चार के लिए सामान्य रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में मीन संक्रांति का विशेष महत्व होता है। सूर्यदेव का जब-जब गुरु की राशि धनु एवं मीन में परिभ्रमण होता है या धनु व मीन संक्रांति होती है तो वह मलमास कहलाती है।
मीन संक्रांति (Meen Sankranti 2026) में मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। मलमास में नामकरण, विद्या आरंभ, कर्ण छेदन, अन्न प्राशन, उपनयन संस्कार, विवाह संस्कार, गृह प्रवेश तथा वास्तु पूजन आदि मांगलिक कार्यों को वर्जित माना जाता है। खरमास में सूर्य ग्रह देवगुरु बृहस्पति की सेवा में रहते हैं। इस वजह से इस माह में मांगलिक कर्म करने से बचना चाहिए।
14 मार्च को रात 1:01 मिनट पर सूर्य गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेंगे। सूर्य 14 अप्रैल की सुबह 9:38 मिनट तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे। सूर्य को आत्मविश्वास, पहचान, नेतृत्व और ऊर्जा का कारक है। जबकि, मीन राशि करुणा, आध्यात्मिकता, कल्पनाशीलता और संवेदनशीलता का प्रतीक है।
सूर्य के शुभ प्रभाव से जॉब और बिजनेस में तरक्की के योग बनते हैं और लीडरशीप करने का मौका भी मिलता है। ज्योतिष में सूर्य को आत्माकारक ग्रह कहा गया है। इसके प्रभाव से आत्मविश्वास बढ़ता है। पिता, अधिकारी और शासकिय मामलों में सफलता भी सूर्य के शुभ प्रभाव से मिलती है। वहीं सूर्य का अशुभ प्रभाव असफलता देता है। जिसके कारण कामकाज में रुकावटें और परेशानियां बढ़ती हैं। धन हानि और स्थान परिवर्तन भी सूर्य के कारण होता है। सूर्य के अशुभ प्रभाव से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी होती है।
मीन राशि में सूर्य के आने से वृष, मिथुन, तुला और मकर राशि वाले लोगों के लिए अच्छा समय रहेगा। इन राशि वालों की जॉब और बिजनेस के लिए ये महीना फायदेमंद रहेगा। इन लोगों को भाग्य का साथ मिलेगा और हर काम में सफलता हासिल करेंगे। घर-परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। वैवाहिक जीवन में सुख और शांति बनी रहेगी। दुश्मनों पर जीत मिलेगी। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और बिजनेस करने वालों को धन लाभ होने के योग हैं।
सूर्य के राशि परिवर्तन से मेष, सिंह, कुंभ और मीन राशि वालों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। इन राशियों के नौकरीपेशा लोगों के कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं। अधिकारियों से विवाद हो सकता है। मेहनत ज्यादा और उसका फायदा नहीं मिलने का योग बन रहा है। मानसिक तनाव रहेगा। बिजनेस करने वालों के कामकाज में देरी हो सकती है। काम में मन नहीं लगेगा। धन हानि और विवाद होने की भी आशंका है। सेहत संबंधी सावधानी रखनी होगी।
कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु राशि वालों के लिए मीन राशि का सूर्य सामान्य फल देने वाला रहेगा। सूर्य की वजह से कोई बड़ा बदलाव इन लोगों के जीवन में नहीं होगा। जितना काम करेंगे, उतना लाभ प्राप्त कर पाएंगे। जॉब और बिजनेस में जोखिम भरे फैसले लेने से बचें। बड़ा निवेश न करें। लेन-देन में एक्स्ट्रा सावधानी रखनी होगी। वरना पैसा उलझने और नुकसान होने का योग बन सकता है।
भगवान विष्णु की उपासना करें। सूर्य को अर्घ्य दे। रविवार का व्रत रखना। मुंह में मीठा डालकर ऊपर से पानी पीकर ही घर से निकलें। पिता और पिता के संबंधियों का सम्मान करें। लाल और केसरिया रंग के वस्त्र धारण करें। प्रातः सूर्योदय से पहले उठें और अपनी नग्न आँखों से उगते हुए सूरज का दर्शन करें। सूर्य देव की पूजा करें। भगवान राम की पूजा करें। आदित्य हृदय स्तोत्र का जाप करें।
Updated on:
15 Mar 2026 03:44 pm
Published on:
15 Mar 2026 03:44 pm
