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आज का पंचांग, शुक्रवार, 26 सितम्बर, 2025, तिथि, श्रेष्ठ चौघड़िए, Rajasthan Patrika

शुक्रवार, 26 सितम्बर, 2025, : आज के पंचांग में जानिए आज का श्रेष्ठ चौघड़िया, तिथि, दिशा शूल, राहु काल वेला, नक्षत्र, योग, करण, व्रत / दिवस विशेष, चन्द्रमा, ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन। आइए, पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद् से जानते हैं आज का पंचांग।

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भारत

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Kamlesh Kholiya

Sep 26, 2025

🌟(आज का पंचांग – शुक्रवार, 26 सितम्बर, 2025)🌟

विक्रम संवत् – 2082
संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
शक संवत् – 1947
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 3 रवि उलसानी
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद् ऋतु
मास – आश्विन
पक्ष – शुक्ल

श्रेष्ठ चौघड़िये – आज चर, लाभ, अमृत के चौघड़िये क्रमशः सूर्योदय से 10:49 तक रहेंगे। शुभ का चौघड़िया 12:18 से 1:48 तक रहेगा। चर का चौघड़िया 4:47 से सूर्यास्त तक रहेगा। इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

तिथि – चतुर्थी तिथि दिन 9:33 तक रहेगा तदुपरान्त पंचमी तिथि होगी।

दिशा शूल – आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

राहु काल वेला – (मध्यमान से) दिन 10:30 से 12:00 तक रहेगा।

नक्षत्र – विशाखा नक्षत्र रात्रि 10:09 तक रहेगा तदुपरान्त अनुराधा नक्षत्र होगा।
योग – विष्कुम्भ योग रात्रि 10:55 तक रहेगा तदुपरान्त प्रीति योग रहेगा।
करण – विष्टि करण दिन 9:33 तक तदुपरान्त बव करण रहेगा।

विशिष्ट योग – कुमारयोग दिन 9:33 से रात्रि 10:09 तक, सर्वार्थसिद्धि योग रात्रि 10:09 से सूर्योदय तक, रवियोग रात्रि 10:09 से प्रारम्भ,

व्रत / दिवस विशेष – भद्रा 9:33 तक, उपांग ललिता व्रत, ललिता पंचमी,

चन्द्रमा – आज दिन 3:24 तक तुला राशि में होगा तदुपरान्त वृचिक राशि में प्रवेश होगा।

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज दिन 3:24 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि तुला होगी तदुपरान्त वृचिक राशि होगी। आज रात्रि 10:09 तक विशाखा नक्षत्र होगा तदुपरान्त अनुराधा नक्षत्र होगा। आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा। आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर तु, ते, तो, न, नी पर रखे जा सकते हैं।

तुला राशि का स्वामी शुक्र होता हैं। यह सौम्य व भावुक होते हैं। इन्हें देश-विदेश घूमने का शौक होता है, किसी के अधीनस्थ रह कर कार्य करना पसंद करते हैं। यह एक स्थान पर टिक कर नहीं रहते। ये सुंदरता पसंद होते हैं और कलात्मक होते हैं। इनका स्वभाव आकर्षक होता हैं। ये न्यायशील, बुद्धिमान, तर्कशील एवं सर्तक रहने वाला होते हैं। वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता हैं। ऐसे जातक स्थिर प्रवृति के होते हैं।

✍️ पंडित मुकेश भारद्वाज, ज्योतिर्विद व वास्तुविद्